सेहत

फेफड़े के स्मॉल सेल कैंसर में क्रांतिकारी खोज: ऐसे इलाज से मिलेगा फायदा

स्मॉल सेल लंग कैंसर दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ने वाले और घातक कैंसर में शामिल है। अक्सर मरीज तब डॉक्टर के पास आते हैं जब कैंसर शरीर के अन्य हिस्सों में फैल चुका होता है। इस स्थिति में औसत जीवनकाल लगभग एक साल तक सीमित रह जाता है।

अब तक की चुनौती

इस बीमारी में प्लैटिनम-बेस्ड कीमोथेरेपी और इम्यूनोथेरेपी इस्तेमाल होती रही है, लेकिन हर मरीज पर असर समान नहीं होता। सबसे बड़ी दिक्कत यह रही कि डॉक्टर पहले से तय नहीं कर पाते कि किस मरीज को इलाज से लाभ होगा और किसे नहीं।

नई AI तकनीक: फेनोपाईसेल

रोसवेल पार्क कॉम्प्रिहेंसिव कैंसर सेंटर (बफेलो), एमोरी यूनिवर्सिटी का विनशिप कैंसर इंस्टीट्यूट (अटलांटा), और यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल्स क्लीवलैंड मेडिकल सेंटर के शोधकर्ताओं ने फेनोपाईसेल नाम का AI टूल विकसित किया है।

  • यह टूल मरीज के बायोप्सी सैंपल्स का एनालिसिस करता है।
  • AI माइक्रोस्कोप इमेजेस में ऐसे पैटर्न पहचानता है, जो इंसानी आंख से छूट जाते हैं।
  • ट्यूमर के आसपास मौजूद इम्यून सेल्स की संरचना और व्यवस्था को स्टडी करता है।

रिसर्च और परिणाम

  • 281 मरीजों के डेटा का विश्लेषण किया गया।
  • AI ने इलाज शुरू होने से पहले अनुमान लगाया कि कौन मरीज कीमोथेरेपी पर बेहतर प्रतिक्रिया देगा।
  • जिन मरीजों में इलाज असरदार था, उनके ट्यूमर के आसपास इम्यून सेल्स ज्यादा और व्यवस्थित थे।
  • जिन मरीजों में असर कम था, वहां सेल्स कम और बिखरे हुए पाए गए।

शोध का महत्व

  • यह खोज बताती है कि इम्यून प्रतिक्रिया इलाज की सफलता तय कर सकती है
  • फेनोपाईसेल पहले से मौजूद डेटा का उपयोग करता है, इसलिए अतिरिक्त जांच या खर्च की जरूरत नहीं
  • मरीजों को अनावश्यक इलाज से बचाया जा सकता है और समय रहते बेहतर विकल्प सुझाए जा सकते हैं।

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