अंबेडकर जयंती 2026: मायावती ने दी श्रद्धांजलि, संविधान के उद्देश्यों पर उठाए सवाल

Lucknow News: अंबेडकर जयंती के अवसर पर बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने डॉ. भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने देश की मौजूदा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि सामंती और जातिवादी सोच के कारण संविधान अपने मूल उद्देश्यों को पूरी तरह हासिल नहीं कर पा रहा है।
🔹 “सर्वजन हिताय” का लक्ष्य अभी अधूरा: मायावती
मायावती ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर का “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” का सिद्धांत तभी पूरी तरह लागू हो सकता है, जब देश और राज्यों में बहुजन समाज पार्टी की सरकार बने।
उन्होंने आरोप लगाया कि मजबूत संविधान होने के बावजूद देश में बहुजनों को अब भी गरीबी, बेरोजगारी और सामाजिक भेदभाव जैसी समस्याओं से पूरी तरह मुक्ति नहीं मिल पाई है।
🔹 लखनऊ में अंबेडकर प्रतिमा पर माल्यार्पण
राजधानी लखनऊ में मायावती ने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
उन्होंने कहा कि बाबा साहेब के संघर्षों की बदौलत ही देश के वंचित वर्गों को आत्मसम्मान और समान अधिकार प्राप्त हुए हैं।
🔹 भारत रत्न और मंडल आयोग पर भी बयान
मायावती ने कहा कि केंद्र की सरकारों ने लंबे समय तक डॉ. भीमराव अंबेडकर को भारत रत्न देने में देरी की, लेकिन BSP के संघर्षों के कारण उन्हें यह सम्मान मिला।
इसके साथ ही उन्होंने मंडल आयोग की सिफारिशों के तहत OBC वर्ग को मिले आरक्षण को बहुजन आंदोलन की बड़ी उपलब्धि बताया।
🔹 परिवर्तन स्थल पर बड़ा आयोजन
अंबेडकर जयंती के मौके पर BSP ने डॉ. भीमराव अंबेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया।
इस कार्यक्रम में प्रदेश के 18 मंडलों से कार्यकर्ता शामिल हुए और “बाबा साहेब का मिशन अधूरा, BSP करेगी पूरा” जैसे नारों के साथ सामाजिक परिवर्तन का संकल्प दोहराया।
🔹 सरकारों से किया आकलन का आह्वान
अपने संबोधन के अंत में मायावती ने कहा कि सरकारों को अंबेडकर जयंती के अवसर पर बहुजन समाज की सुरक्षा, सम्मान और विकास की स्थिति का मूल्यांकन करना चाहिए, ताकि समाज में व्याप्त अन्याय और शोषण को समाप्त किया जा सके।




