योगी सरकार का बड़ा फैसला, किसानों को गेहूं बेचने में मिली राहत

योगी आदित्यनाथ ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए गेहूं खरीद प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब प्रदेश के किसान बिना फॉर्मर रजिस्ट्री के भी सरकारी क्रय केंद्रों पर अपनी गेहूं की फसल बेच सकेंगे।
किसानों की परेशानी के बाद लिया गया फैसला
उत्तर प्रदेश में कई किसानों को फॉर्मर रजिस्ट्री न होने या तकनीकी दिक्कतों के कारण फसल बेचने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इसी को देखते हुए सरकार ने यह नियम तत्काल प्रभाव से खत्म कर दिया है।
जिलाधिकारियों को सख्त निर्देश
योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि इस व्यवस्था को तुरंत लागू किया जाए, ताकि किसानों को किसी भी तरह की परेशानी न हो।
साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि अगर किसी अधिकारी की लापरवाही से किसानों को नुकसान होता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुरानी व्यवस्था फिर से लागू
सरकार के इस फैसले के बाद किसान अब पहले की तरह आसानी से अपनी फसल सरकारी क्रय केंद्रों पर बेच सकेंगे। इसका उद्देश्य है कि:
- किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का पूरा लाभ मिले
- खरीद प्रक्रिया में तेजी आए
- लंबी कतारों और देरी से राहत मिले
किसानों में खुशी की लहर
इस निर्णय के बाद प्रदेश के किसानों में खुशी का माहौल है। पहले जहां उन्हें फसल बेचने में लंबा इंतजार करना पड़ता था, अब यह प्रक्रिया आसान होने की उम्मीद है



