सेहत

Screen Time Side Effects: बढ़ता मोबाइल-लैपटॉप इस्तेमाल बढ़ा रहा सिरदर्द और माइग्रेन का खतरा

आज के डिजिटल दौर में मोबाइल, लैपटॉप और टीवी का इस्तेमाल तेजी से बढ़ गया है। काम, पढ़ाई और मनोरंजन के लिए लोग घंटों स्क्रीन के सामने रहते हैं, जिससे स्क्रीन टाइम लगातार बढ़ता जा रहा है। इसका सीधा असर आंखों और दिमाग की सेहत पर पड़ रहा है।


ज्यादा स्क्रीन टाइम से क्या नुकसान हो सकते हैं?

लंबे समय तक स्क्रीन देखने से:

  • आंखों में सूखापन और जलन
  • आंखों की थकान
  • सिरदर्द की समस्या
  • फोकस कम होना

डिजिटल लाइफस्टाइल के कारण यह समस्या खासकर युवाओं में ज्यादा देखने को मिल रही है।


स्क्रीन टाइम और माइग्रेन का संबंध

Dr. Subhash Giri (डॉ. सुभाष गिरी, RML हॉस्पिटल) के अनुसार, लंबे समय तक स्क्रीन देखने से आंखों और दिमाग पर लगातार दबाव पड़ता है, जो माइग्रेन को ट्रिगर कर सकता है।

स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट आंखों को थका देती है और दिमाग को अधिक काम करने के लिए मजबूर करती है, जिससे सिरदर्द बढ़ सकता है।


किन लोगों को ज्यादा खतरा है?

  • जो लोग दिनभर कंप्यूटर या मोबाइल पर काम करते हैं
  • पहले से माइग्रेन से पीड़ित लोग
  • बच्चे और युवा जो गेमिंग या सोशल मीडिया पर ज्यादा समय बिताते हैं
  • नींद की कमी या आंखों की कमजोरी वाले लोग

माइग्रेन के शुरुआती संकेत

  • आंखों में झिलमिलाहट
  • सिर में भारीपन
  • रोशनी से परेशानी
  • लगातार सिरदर्द

इन संकेतों को नजरअंदाज करना आगे चलकर गंभीर समस्या बन सकता है।


स्क्रीन टाइम से बचाव कैसे करें?

  • हर 20–30 मिनट में ब्रेक लें
  • 20-20-20 नियम अपनाएं (हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर देखें)
  • स्क्रीन की ब्राइटनेस संतुलित रखें
  • अंधेरे में मोबाइल इस्तेमाल न करें
  • पर्याप्त नींद लें
  • हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं

निष्कर्ष

स्क्रीन टाइम को नियंत्रित करना आज की जरूरत बन गया है। छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर माइग्रेन और आंखों की समस्याओं से बचा जा सकता है।

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