दिल्ली में बिहारी युवक की हत्या पर सियासत तेज, चिराग पासवान ने उठाई नया मंत्रालय बनाने की मांग

दिल्ली में बिहार के एक युवक की हत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस घटना पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने नाराजगी जताई है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
चिराग पासवान ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि ऐसी वारदातों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
‘बिहारियों की सुरक्षा’ के लिए अलग मंत्रालय की मांग
चिराग पासवान ने बिहार के लोगों के हितों की सुरक्षा के लिए एक अलग मंत्रालय बनाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि यह मंत्रालय देश और विदेश में रहने वाले बिहारियों का डेटा रखेगा और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।
यह उनकी पार्टी की ‘बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट’ नीति का अहम हिस्सा बताया गया है।
आरोपी पुलिसकर्मी पर सख्त कार्रवाई की मांग
दिल्ली के द्वारका इलाके में खगड़िया निवासी पांडव कुमार की कथित हत्या के मामले में पासवान ने कहा कि सिर्फ बिहार से होने के कारण इस तरह की घटना बेहद चिंताजनक है।
उन्होंने आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की और कहा कि उनकी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल जल्द ही अमित शाह से मुलाकात करेगा।
‘बिहारी पहचान’ की लड़ाई
चिराग पासवान ने कहा कि उनकी लड़ाई जाति, धर्म और संप्रदाय से ऊपर उठकर “बिहारी पहचान” और सम्मान को बहाल करने की है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि बिहारियों की खोई हुई गरिमा को वापस लाना जरूरी है।
RJD पर साधा निशाना
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए पासवान ने 1990 के दशक में राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए और कहा कि उस दौर में बिहार को भारी नुकसान हुआ।
जीतन राम मांझी का विवादित बयान
इस मामले पर जीतन राम मांझी का बयान भी चर्चा में है। उन्होंने कहा, “मार दिया तो मार दिया… इसमें कौन सी बड़ी बात है,” जिसके बाद राजनीतिक विवाद और बढ़ गया।
क्या है पूरा मामला?
यह घटना 26 अप्रैल की देर रात दिल्ली के जाफरपुर कलां इलाके में हुई।
- मृतक पांडव कुमार (खगड़िया, बिहार) अपने दोस्त के साथ जन्मदिन पार्टी में गया था
- आरोपी: दिल्ली पुलिस का हेड कांस्टेबल (स्पेशल ब्रांच)
- आरोप: नशे में बहस के बाद गोली मार दी
- पांडव की मौके पर मौत, दोस्त कृष्ण गंभीर रूप से घायल
बताया जा रहा है कि आरोपी घटना के बाद से फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
मामला क्यों बना बड़ा मुद्दा?
- कथित तौर पर जाति और राज्य को लेकर विवाद
- पुलिसकर्मी पर गंभीर आरोप
- राजनीतिक दलों की तीखी प्रतिक्रिया
- प्रवासी बिहारियों की सुरक्षा पर सवाल




