PCOS का नाम बदला, अब PMOS कहलाएगा: महिलाओं की इस आम बीमारी में हुआ बड़ा बदलाव

महिलाओं में पाई जाने वाली पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (Polycystic Ovary Syndrome) को अब नया नाम दिया गया है। इसे अब पॉलीएंडोक्राइन मेटाबॉलिक ओवरी सिंड्रोम (PMOS) कहा जाएगा। यह बदलाव बीमारी की सही पहचान और बेहतर इलाज को ध्यान में रखते हुए किया गया है।
क्यों बदला गया PCOS का नाम?
पहले नाम से यह धारणा बनती थी कि हर मरीज की ओवरी में सिस्ट (गांठें) जरूर बनती हैं, जबकि ऐसा हर केस में नहीं होता।
डॉक्टरों के अनुसार असली समस्या केवल सिस्ट नहीं, बल्कि शरीर में होने वाला हार्मोनल और मेटाबॉलिक असंतुलन है। इसलिए नाम में “मेटाबॉलिक” शब्द जोड़ा गया है।
कैसे हुआ फैसला?
इस बदलाव के लिए दुनियाभर के:
- करीब 14,000 मरीजों
- डॉक्टरों और विशेषज्ञों
- और 56 मेडिकल संस्थाओं
की राय ली गई। इसके बाद यूरोपियन कांग्रेस ऑफ एंडोक्रिनोलॉजी में इस नए नाम की घोषणा की गई और मेडिकल जर्नल The Lancet में भी इस पर रिपोर्ट प्रकाशित हुई।
क्यों बढ़ रहे हैं मामले?
डॉक्टरों के अनुसार यह बीमारी अब 18 से 25 साल की महिलाओं में भी तेजी से बढ़ रही है। इसके प्रमुख कारण हैं:
- खराब खानपान
- मोटापा
- असंतुलित लाइफस्टाइल
- हार्मोनल गड़बड़ी
PCOS/PMOS के प्रमुख लक्षण
इस बीमारी के सामान्य लक्षणों में शामिल हैं:
- चेहरे पर पुरुषों जैसे बाल आना
- मुंहासे
- तेजी से वजन बढ़ना
- डायबिटीज का खतरा
- पीरियड्स में अनियमितता
क्या बदलेगा इलाज में?
विशेषज्ञों का मानना है कि नए नाम से बीमारी की बेहतर समझ बनेगी, जिससे इलाज को अधिक सटीक और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।



