स्किन पर तिल कब बन सकते हैं खतरा? जानें जरूरी चेतावनी संकेत

स्किन पर तिल (moles) होना एक सामान्य बात है और अधिकतर मामलों में ये पूरी तरह सुरक्षित होते हैं। लेकिन कुछ स्थितियों में यही तिल गंभीर बीमारी, यहां तक कि स्किन कैंसर का संकेत भी हो सकते हैं।
गाजियाबाद स्थित मैक्स हॉस्पिटल की डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. सौम्या सचदेवा के अनुसार तिल को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, खासकर जब उसमें कोई बदलाव दिखे।
क्या है ABCD नियम?
डॉक्टरों के अनुसार तिल की जांच के लिए “ABCD नियम” सबसे आसान तरीका है, जिससे आप शुरुआती स्तर पर ही खतरे को पहचान सकते हैं।
A – Asymmetry (असमान आकार)
अगर तिल का एक हिस्सा दूसरे हिस्से जैसा नहीं दिखता और उसका आकार असंतुलित है, तो यह चेतावनी का संकेत हो सकता है। सामान्य तिल आमतौर पर गोल और संतुलित होते हैं।
B – Border (किनारे)
अगर तिल के किनारे टेढ़े-मेढ़े, धुंधले या फैलते हुए नजर आएं, तो यह असामान्य स्थिति मानी जाती है और डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।
C – Color (रंग)
सामान्य तिल का रंग एक जैसा होता है। अगर तिल का रंग बदलकर लाल, नीला या सफेद होने लगे, तो यह अंदरूनी बदलाव का संकेत हो सकता है।
D – Diameter (आकार)
अगर तिल का आकार 6 मिलीमीटर से ज्यादा हो या तेजी से बढ़ रहा हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
इन लक्षणों पर तुरंत ध्यान दें
- तिल से खून निकलना
- दर्द या जलन होना
- आसपास मवाद बनना
- तिल का उभरकर बाहर आना
ये संकेत गंभीर समस्या की ओर इशारा कर सकते हैं।
किन लोगों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए?
- बहुत गोरी (fair) त्वचा वाले लोग
- जिनके परिवार में स्किन कैंसर का इतिहास हो
- जो लोग लंबे समय तक धूप में रहते हैं
- जिनके शरीर पर बहुत ज्यादा तिल हों
कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी है?
अगर किसी भी तिल में तेजी से बदलाव दिखे—चाहे वह रंग, आकार या बनावट में हो—तो तुरंत त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए। शुरुआती पहचान से गंभीर बीमारियों से बचाव संभव है।



