Hardoi News: कलश यात्रा के दौरान गंगा में डूबे दो बच्चे, गांव में पसरा मातम

उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में भागवत कथा की कलश यात्रा उस समय मातम में बदल गई, जब गंगा स्नान के दौरान पांच बच्चे तेज बहाव की चपेट में आ गए। हादसा बिलग्राम क्षेत्र के नोखेपुरवा गंगा घाट पर हुआ, जहां श्रद्धालु कलश यात्रा के दौरान स्नान कर रहे थे।
बच्चों के डूबने की घटना से घाट पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई।
तीन बच्चों को ग्रामीणों ने बचाया
मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने जान जोखिम में डालकर तीन बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बचाए गए बच्चों में:
- स्नेहा (12) पुत्री महेंद्र
- सोनम (11) पुत्री सोनू
- अंशी (14) पुत्री राकेश
शामिल हैं।
हालांकि, संध्या पुत्री रविशंकर और ओमजी पुत्र राजेश गंगा की तेज धार में बह गए।
SDRF और गोताखोरों ने चलाया सर्च ऑपरेशन
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू कराया गया।
स्थानीय गोताखोरों और पुलिस ने देर शाम तक सर्च अभियान चलाया, जिसमें 14 वर्षीय संध्या का शव बरामद कर लिया गया। वहीं दूसरे बच्चे ओमजी का देर रात तक कोई पता नहीं चल सका।
बुधवार सुबह SDRF और गोताखोरों की टीम ने कई घंटों की मशक्कत के बाद घटनास्थल से कुछ दूरी पर ओमजी का शव भी बरामद कर लिया।
गांव में पसरा मातम
एक ही गांव म्योरा के दो बच्चों की मौत से पूरे इलाके में शोक की लहर है। मासूमों के शव गांव पहुंचते ही परिवारों में कोहराम मच गया।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव के लोगों की आंखें नम हो उठीं। जिस कलश यात्रा में श्रद्धा और उत्साह का माहौल था, वही कुछ ही पलों में दो परिवारों के लिए जिंदगीभर का दर्द बन गई।
पुलिस ने शुरू की जांच
पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया है। साथ ही हादसे की जांच भी शुरू कर दी गई है।
फिलहाल पुलिस इसे हादसा मानकर जांच कर रही है। प्रशासन ने ग्रामीणों से नदी और तालाबों में स्नान के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।




