2027 चुनाव से पहले PDA पर फोकस, अखिलेश बोले- ‘90 दिन में 69000 शिक्षक भर्ती को न्याय देंगे’

उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले Akhilesh Yadav ने साफ संकेत दे दिए हैं कि समाजवादी पार्टी एक बार फिर अपने PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक फॉर्मूले को चुनावी रणनीति का केंद्र बनाएगी. बुधवार को आयोजित PDA ऑडिट प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव के साथ सांसद Dimple Yadav, Shivpal Singh Yadav और Iqra Hasan समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे.
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान “आरक्षण का मिशन अधूरा, अखिलेश यादव करेंगे पूरा” जैसे नारों से माहौल गूंज उठा. सपा प्रमुख ने इस दौरान आरक्षण, शिक्षक भर्ती और जातिगत जनगणना को लेकर बीजेपी सरकार पर जमकर निशाना साधा.
‘69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण की लूट हुई’
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार ने 69000 शिक्षक भर्ती में पिछड़े वर्ग के आरक्षण के साथ अन्याय किया. उन्होंने कहा कि संविधान के अनुसार जहां 27 प्रतिशत आरक्षण मिलना चाहिए था, वहां सिर्फ 3.86 प्रतिशत आरक्षण दिया गया.
उन्होंने कहा,
“23.14 प्रतिशत आरक्षण की लूट हुई है. पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट में करीब 20 हजार सीटों पर गड़बड़ी की बात सामने आई है. खुद यूपी सरकार ने माना है कि भर्ती में आरक्षण की लूट हुई.”
सपा प्रमुख ने बीजेपी को चुनौती देते हुए कहा कि अगर आंकड़े गलत हैं तो सरकार उन्हें सार्वजनिक रूप से गलत साबित करे.
‘सरकार बनी तो 90 दिन में न्याय’
अखिलेश यादव ने बड़ा चुनावी वादा करते हुए कहा कि यदि राज्य में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो पहले 90 दिनों के भीतर 69000 शिक्षक भर्ती मामले में न्याय दिलाया जाएगा.
उन्होंने कहा,
“हम PDA समर्थित सरकार बनाने का संकल्प लेते हैं. सरकार बनने के पहले 90 दिन में 69000 शिक्षक भर्ती को न्याय देंगे और जातिगत जनगणना कराकर दिखाएंगे.”
पीएम मोदी की अपील पर भी साधा निशाना
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री Narendra Modi की खर्च में कटौती वाली अपील पर भी तंज कसा.
उन्होंने कहा,
“अर्थव्यवस्था तब मजबूत होती है जब बाजार में पैसा खर्च होता है. यह सरकार न लोगों को कमाने दे रही है और न खर्च करने दे रही है. इसलिए नौकरियां खत्म हो रही हैं.”
‘आरक्षण ही संरक्षण है’
सपा प्रमुख ने कहा कि आरक्षण किसी की “भिक्षा” नहीं बल्कि संवैधानिक अधिकार है. उन्होंने आरोप लगाया कि 2014 के बाद आरक्षण व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिशें तेज हुई हैं.
उन्होंने कहा,
“वंचित समाज की एक-दो पीढ़ियों को नौकरियों से दूर रखने की साजिश हो रही है. बीजेपी संवैधानिक आरक्षण के साथ फाउल प्ले खेल रही है.”
अखिलेश ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार नियमों और फैसलों दोनों स्तर पर पक्षपात कर रही है. उन्होंने कहा कि अगर संविधान में मिले अधिकारों के लिए बार-बार कोर्ट जाना पड़े, तो इसका मतलब है कि सरकार निष्पक्ष नहीं है.
PDA को लेकर सपा की बड़ी रणनीति
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि समाजवादी पार्टी 2027 चुनाव में PDA समीकरण को और आक्रामक तरीके से आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है. पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वोट बैंक को एकजुट करने के लिए पार्टी लगातार आरक्षण, जातिगत जनगणना और भर्ती घोटालों जैसे मुद्दों को उठाने में जुटी है.
सपा की इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को आने वाले विधानसभा चुनाव के लिए राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें पार्टी ने साफ कर दिया है कि उसका मुख्य फोकस सामाजिक न्याय और आरक्षण की राजनीति पर रहेगा.



