दूल्हा आजाद बिंद हत्याकांड का मुख्य आरोपी रवि यादव एनकाउंटर में ढेर, SHO केके सिंह घायल

उत्तर प्रदेश के जौनपुर में चर्चित दूल्हा आजाद बिंद हत्याकांड के मुख्य आरोपी रवि यादव को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया। रवि यादव पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था और वह लंबे समय से फरार चल रहा था। पुलिस और बदमाश के बीच हुई आमने-सामने की फायरिंग में लाइन बाजार थाना प्रभारी केके सिंह भी घायल हो गए। उनके बाएं हाथ में गोली लगी है और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
खेतासराय इलाके में हुई मुठभेड़
जानकारी के मुताबिक, रविवार देर रात जौनपुर पुलिस को इनपुट मिला कि फरार इनामी बदमाश रवि यादव खेतासराय थाना क्षेत्र के रानीमऊ मोड़ के आसपास मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस ने इलाके में वाहनों की चेकिंग शुरू कर दी।
इसी दौरान संदिग्ध बाइक सवार को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन आरोपी पुलिस टीम पर फायरिंग करते हुए भागने लगा। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे आत्मसमर्पण करने को कहा, मगर उसने लगातार गोलियां चलानी जारी रखीं।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में मारा गया रवि यादव
पुलिस की जवाबी फायरिंग में रवि यादव को गोली लगी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं आरोपी की गोली से लाइन बाजार थाना प्रभारी केके सिंह घायल हो गए। उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
मुठभेड़ के दौरान दो अन्य पुलिसकर्मियों पर भी गोलियां चलीं, लेकिन वे बुलेटप्रूफ जैकेट पहने होने की वजह से बाल-बाल बच गए।
दूल्हा आजाद बिंद हत्याकांड से जुड़ा था मामला
गौरतलब है कि 1 मई की रात 25 वर्षीय दूल्हे आजाद बिंद की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह बारात लेकर जा रहा था, तभी बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया। इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया था।
पुलिस ने इस मामले में सात लोगों को नामजद किया था। मुख्य आरोपियों में:
- प्रदीप बिंद
- रवि यादव
- भोले राजभर
शामिल थे। तीनों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
नेपाल बॉर्डर तक पुलिस की दबिश
फरार आरोपियों की तलाश के लिए जौनपुर पुलिस की दस टीमें लगातार दबिश दे रही थीं। दिल्ली, वाराणसी, प्रयागराज, सुल्तानपुर और नेपाल बॉर्डर तक पुलिस की छापेमारी जारी थी। अब तक पुलिस 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
बहन सौम्या बिंद ने चलाया था न्याय अभियान
आजाद बिंद की हत्या के बाद उसकी बहन सौम्या बिंद लगातार न्याय की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रही थीं। बिंद समाज के साथ कई राजनीतिक संगठनों ने भी इस आंदोलन का समर्थन किया था। पुलिस पर आरोपियों की गिरफ्तारी का भारी दबाव था।
रवि यादव के एनकाउंटर के बाद अब पुलिस बाकी दो फरार इनामी आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।



