भोपाल मामले में सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी, CJI सूर्यकांत ने मीडिया से जिम्मेदारी बरतने को कहा

भोपाल के ट्विशा शर्मा केस से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान सोमवार (25 मई, 2026) को सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणियां कीं। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत (CJI Surya Kant) की अध्यक्षता वाली बेंच ने मीडिया रिपोर्टिंग और न्यायपालिका की भूमिका को लेकर सख्त संदेश दिया।
सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी
सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने कहा कि:
- यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कहा जा रहा है कि न्यायपालिका मुकदमे का विवरण सार्वजनिक कर रही है
- कुछ बातें ऐसी सामने आई हैं, जिससे अदालत दुखी है
- मीडिया को जिम्मेदारी से काम करना चाहिए और किसी एक पक्ष के बयान के आधार पर निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि निष्पक्ष सुनवाई और न्यायिक प्रक्रिया को लेकर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
जांच एजेंसियों पर भरोसा जताया
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि:
- पीड़ित और आरोपी दोनों पक्ष जांच में सहयोग करेंगे
- राज्य जांच एजेंसी या CBI जो भी जांच कर रही है, वह मामले को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाएगी
- सच सामने लाने में किसी तरह का संदेह नहीं है
न्यायिक बेंच की टिप्पणी
यह मामला CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की बेंच के समक्ष सुनवाई के लिए आया। कोर्ट ने कहा कि न्यायपालिका की निष्पक्षता पर सवाल उठाना सही नहीं है।
मीडिया को दी गई नसीहत
सुप्रीम कोर्ट ने मीडिया से कहा कि:
- संवेदनशील मामलों में रिपोर्टिंग सावधानी से की जाए
- किसी भी पक्ष के बयान को अंतिम सत्य मानकर प्रकाशित न किया जाए
- न्यायिक प्रक्रिया की गरिमा बनाए रखना जरूरी है
मामले का संदर्भ
यह टिप्पणी भोपाल के ट्विशा शर्मा केस से जुड़े विवाद और चल रही जांच के बीच आई है, जिसमें विभिन्न पक्षों की ओर से आरोप-प्रत्यारोप किए जा रहे हैं।




