उत्तर प्रदेश

भीषण गर्मी में बिजली संकट गहराया, कई थर्मल पावर प्लांट बंद; उपभोक्ताओं पर बढ़ा दबाव

उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच बिजली संकट और गहरा गया है। मई महीने में कई थर्मल पावर प्लांट लगातार कई दिनों तक बंद रहने से हजारों मेगावाट बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ, जिसका सीधा असर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की आपूर्ति पर पड़ा है।

हजारों मेगावाट बिजली उत्पादन प्रभावित

जानकारी के अनुसार, बाहरी और राज्य स्तरीय कई पावर प्लांट लंबे समय तक बंद रहे, जिससे बिजली उत्पादन में भारी गिरावट आई। इसका सबसे ज्यादा असर:

  • ग्रामीण इलाकों में लंबी कटौती
  • शहरी क्षेत्रों में ट्रिपिंग और अनियमित सप्लाई
  • किसानों, छात्रों और छोटे व्यापारियों पर बढ़ता दबाव

उपभोक्ताओं का आरोप है कि भारी बिजली बिल वसूलने के बावजूद व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ।

कई बड़े थर्मल पावर प्लांट बंद रहे

रिपोर्ट के अनुसार 23 मई तक कई पावर प्लांट अलग-अलग अवधि तक बंद रहे:

  • घाटमपुर TPS (660 MW) — 18 दिन बंद
  • ललितपुर TPS (660 MW) — 11 दिन बंद
  • JSW महानदी (KSK) (1000 MW) — 10 दिन बंद
  • ओबरा बी TPS (200 MW) — 9.5 दिन बंद
  • ओबरा C TPS (660 MW) — 8 दिन बंद
  • अनपरा-D TPS (500 MW) — 6.5 दिन बंद
  • जवाहरपुर TPS (660 MW) — 4 दिन बंद
  • अनपरा TPS (210 MW) — 4 दिन बंद
  • लैंको (600 MW) — 3 दिन बंद
  • परिछा TPS (250 MW) — 3 दिन बंद
  • खुर्जा TPS (660 MW) — 1 दिन बंद

इन बंदियों से कुल मिलाकर हजारों मेगावाट बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ।

उपभोक्ता परिषद की चिंता

उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि:

  • सिस्टम क्षमता और मांग में 2 करोड़ किलोवाट से अधिक का अंतर है
  • मैनपावर की कमी और संविदा कर्मचारियों की छंटनी से स्थिति बिगड़ी है
  • कोयला प्रबंधन और रखरखाव में गंभीर लापरवाही हुई है

उन्होंने कहा कि हालात को सुधारने के लिए ठोस कदम जरूरी हैं।

बिजली व्यवस्था पर बढ़ता दबाव

भीषण गर्मी और बढ़ती मांग के बीच:

  • लोड बढ़ने से ट्रांसफॉर्मर और फीडर पर दबाव
  • ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक कटौती
  • बिजली संकट से कृषि और घरेलू जीवन प्रभावित

सरकार और ऊर्जा विभाग का दावा

वहीं सरकार का कहना है कि:

  • उत्पादन और आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने के प्रयास जारी हैं
  • मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग की समीक्षा कर निर्देश दिए हैं
  • तकनीकी समस्याओं और रखरखाव पर तेजी से काम किया जा रहा है

मांग और भविष्य की चुनौती

उपभोक्ता परिषद ने मांग की है कि:

  • सभी बंद पावर प्लांट तुरंत चालू किए जाएं
  • रखरखाव और कोयला प्रबंधन को मजबूत किया जाए
  • सिस्टम क्षमता को मांग के अनुरूप बढ़ाया जाए
  • भविष्य के लिए मजबूत कार्ययोजना तैयार की जाए

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