पेट्रोल-डीजल की कीमतों, बिजली संकट और बकरीद की नमाज पर बीजेपी सांसद का बड़ा बयान

बीजेपी सांसद Rajkumar Chahar ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों, यूपी में बिजली कटौती और बकरीद पर नमाज को लेकर बड़ा बयान दिया है। फिरोजाबाद में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि वैश्विक संकट की वजह से ईंधन की कीमतों पर असर पड़ा है और जनता को कम से कम पेट्रोल-डीजल का इस्तेमाल करना चाहिए।
पेट्रोल-डीजल की महंगाई को बताया वैश्विक संकट
बीजेपी सांसद ने कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। भारत भी इससे अछूता नहीं है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति कोरोना काल जैसी चुनौतीपूर्ण है।
प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि जैसे देश ने कोरोना संकट का सामना किया था, वैसे ही मौजूदा हालात से भी बाहर निकल जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि जरूरत पड़ने पर ही पेट्रोल और डीजल का इस्तेमाल करें।
अखिलेश यादव के ‘साइकिल’ वाले बयान पर साधा निशाना
सपा प्रमुख Akhilesh Yadav द्वारा महंगाई पर साइकिल चलाने की सलाह दिए जाने पर राजकुमार चाहर ने पलटवार किया।
उन्होंने कहा कि केवल साइकिल के भरोसे देश को विकसित राष्ट्र नहीं बनाया जा सकता। उनका कहना था कि वैश्विक संकट के समय विपक्ष को जिम्मेदार बयान देने चाहिए।
बिजली कटौती पर बोले- सरकार गंभीर
यूपी में भीषण गर्मी के बीच हो रही बिजली कटौती पर बीजेपी सांसद ने कहा कि मुख्यमंत्री Yogi Adityanath इस समस्या को लेकर गंभीर हैं।
उन्होंने कहा कि हाल ही में अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक हुई है और तकनीकी समस्याओं को दूर करने का काम जारी है। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर जल्द लोगों को राहत देने का प्रयास कर रही हैं।
बकरीद पर नमाज को लेकर दिया विवादित बयान
बकरीद पर खुले में नमाज और कुर्बानी को लेकर राजकुमार चाहर ने कहा कि त्योहार मनाने में कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन सड़क पर नमाज पढ़ने का औचित्य नहीं है।
उन्होंने कहा कि यदि मस्जिदों में जगह कम है तो लोग शिफ्ट बनाकर नमाज पढ़ सकते हैं। सांसद ने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे कई परिवारों में लोग जगह की कमी के कारण अलग-अलग शिफ्ट में सोते हैं, उसी तरह नमाज भी शिफ्ट में अदा की जा सकती है।
बीजेपी सांसद के बयान पर बढ़ सकती है सियासत
राजकुमार चाहर के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा सकती है। विपक्ष इसे धार्मिक मुद्दों को उछालने की कोशिश बता सकता है, जबकि बीजेपी इसे प्रशासनिक व्यवस्था और कानून-व्यवस्था से जोड़कर देख रही है।



