Ebola Alert: कांगो-युगांडा में इबोला संक्रमण के बीच DGCA की नई गाइडलाइन जारी, एयरपोर्ट पर बढ़ाई गई निगरानी

Directorate General of Civil Aviation (DGCA) ने कांगो और युगांडा में बढ़ते Ebola संक्रमण को देखते हुए नई गाइडलाइन जारी की है। एयरलाइंस और एयरपोर्ट्स के लिए सख्त स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) लागू किए गए हैं ताकि भारत में संक्रमण फैलने के खतरे को रोका जा सके।
DGCA के निर्देशों के अनुसार प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों की विशेष स्क्रीनिंग की जाएगी और संदिग्ध मामलों के लिए विमान में अलग सीटिंग व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।
विमान में संदिग्ध यात्रियों को किया जाएगा आइसोलेट
नई गाइडलाइन के मुताबिक कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान से आने वाले यात्रियों के लिए ‘हेल्थ डिक्लेरेशन फॉर्म’ भरना अनिवार्य होगा।
यदि उड़ान के दौरान किसी यात्री में इबोला जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, तो एयरलाइन क्रू को तुरंत उसे अन्य यात्रियों से अलग बैठाना होगा।
जिन यात्रियों में संक्रमण के लक्षण होंगे या जो संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए होंगे, उन्हें इमिग्रेशन क्लीयरेंस से पहले एयरपोर्ट हेल्थ ऑफिसर (APHO) को रिपोर्ट करना होगा।
21 दिन तक निगरानी रखने के निर्देश
DGCA ने कहा है कि यात्रा के 21 दिनों के भीतर यदि किसी यात्री में बुखार, उल्टी, कमजोरी, दस्त, सिरदर्द, गले में दर्द या असामान्य ब्लीडिंग जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों को सूचना दी जाए।
एयरलाइंस और एयरपोर्ट्स के लिए इन दिशानिर्देशों का पालन करना अनिवार्य किया गया है। दिल्ली और हैदराबाद समेत अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट्स पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
स्वास्थ्य मंत्रालय भी अलर्ट मोड पर
इबोला संक्रमण के खतरे को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री Jagat Prakash Nadda ने स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
सरकार ने Indian Council of Medical Research (ICMR) और National Centre for Disease Control (NCDC) जैसी एजेंसियों को भी हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।
ट्रैकिंग, टेस्टिंग और निगरानी व्यवस्था को हर समय सक्रिय रखने को कहा गया है ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
एयरपोर्ट और सीमाओं पर बढ़ाई गई निगरानी
बैठक में एयरपोर्ट, बंदरगाह और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर स्क्रीनिंग और निगरानी को और मजबूत करने पर जोर दिया गया।
अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि विदेशों से आने वाले यात्रियों की जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए, खासकर उन देशों से आने वाले यात्रियों पर विशेष नजर रखी जाएगी जहां इबोला संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।
क्या हैं इबोला के लक्षण?
इबोला वायरस संक्रमित व्यक्ति के शारीरिक तरल पदार्थ जैसे खून, पसीना, लार और अन्य द्रवों के सीधे संपर्क से फैलता है।
इसके प्रमुख लक्षण हैं:
- तेज बुखार
- उल्टी और दस्त
- कमजोरी और थकान
- सिरदर्द
- गले में दर्द
- शरीर से असामान्य ब्लीडिंग
विशेषज्ञों ने लोगों से सतर्क रहने और लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराने की अपील की है।




