उत्तर प्रदेश

Moradabad MDA Scam: एमडीए प्लॉट के नाम पर 34 लाख की ठगी, फर्जी दस्तावेज देकर महिला को लगाया चूना

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में जमीन धोखाधड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (Moradabad Development Authority) के नाम पर फर्जी प्लॉट दिलाने का झांसा देकर एक महिला से करीब 34.19 लाख रुपये की ठगी कर ली गई।

पीड़िता यासमीन जहरा, मझोला थाना क्षेत्र के आजाद नगर की रहने वाली हैं, जिनके पति दुबई में नौकरी करते हैं।

सस्ते प्लॉट का लालच देकर फंसाया

आरोपियों ने महिला को एमडीए के छह आवासीय प्लॉट बेहद सस्ते दामों पर दिलाने का झांसा दिया।

मुख्य आरोपी ने खुद को एमडीए के एक बड़े अधिकारी का करीबी बताया और भरोसा जीतने के लिए फर्जी आवंटन पत्र और कब्जा पत्र भी सौंप दिए।

किस्तों में वसूले 34 लाख रुपये

शिकायत के अनुसार, महिला को शुरुआत में 12 लाख रुपये नकद देने के लिए कहा गया। इसके बाद अलग-अलग किस्तों में पिछले दो वर्षों में कुल 34 लाख रुपये से अधिक वसूले गए।

जब महिला ने पैसे पूरे दिए, तो उसे फर्जी दस्तावेज थमा दिए गए।

जमीन पर निर्माण देख खुला राज

जुलाई 2024 में महिला ने एक प्लॉट पर निर्माण कार्य होते देखा, जिसके बाद आरोपियों ने उसे यह कहकर गुमराह किया कि यह एमडीए की ओर से ही बनाया जा रहा है।

बाद में जब महिला ने एमडीए कार्यालय में जाकर जांच की, तो पता चला कि सभी दस्तावेज पूरी तरह फर्जी और कूटरचित थे।

धमकी देने का भी आरोप

पीड़िता का आरोप है कि विरोध करने पर एक आरोपी इमरान ने फोन पर उसे धमकी भी दी। इसके बाद महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने दर्ज किया केस

Madhyamik Development Authority Police Station Moradabad (मझोला थाना पुलिस) ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।

MDA प्लॉट खरीदने के नाम पर धोखाधड़ी से सावधान

अधिकारियों के अनुसार, एमडीए से प्लॉट खरीदने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होती है और इसमें किसी बिचौलिए की जरूरत नहीं होती।

आवंटन की प्रक्रिया:

  • आधिकारिक वेबसाइट या कार्यालय से जानकारी
  • ऑनलाइन/ऑफलाइन आवेदन (जनहित पोर्टल)
  • 5%–10% EMD जमा
  • ई-नीलामी या ड्रॉ के माध्यम से आवंटन

क्या सीख मिलती है इस मामले से?

यह मामला बताता है कि सरकारी प्राधिकरण के नाम पर चल रही फर्जी स्कीमों से सावधान रहना जरूरी है। किसी भी संपत्ति सौदे में केवल आधिकारिक प्रक्रिया और दस्तावेजों पर ही भरोसा करना चाहिए।

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