4 साल बाद यूपी को मिलेगा स्थायी DGP, UPSC की बैठक आज

उत्तर प्रदेश पुलिस को करीब चार साल के लंबे इंतजार के बाद जल्द ही स्थायी पुलिस महानिदेशक (DGP) मिलने जा रहा है। इस प्रक्रिया को अंतिम रूप देने के लिए आज दिल्ली में संघ लोक सेवा आयोग (Union Public Service Commission) की अहम बैठक हो रही है।
तीन वरिष्ठ IPS अफसरों के नाम पैनल में
इस रेस में तीन वरिष्ठ IPS अधिकारियों के नाम शामिल हैं—
- 1990 बैच: रेणुका मिश्रा
- 1991 बैच: पीयूष आनंद
- 1991 बैच: राजीव कृष्ण (वर्तमान कार्यवाहक DGP)
इनमें सबसे आगे राजीव कृष्ण का नाम माना जा रहा है।
राजीव कृष्ण का मजबूत प्रशासनिक ट्रैक रिकॉर्ड
राजीव कृष्ण 1991 बैच के IPS अधिकारी हैं और वर्तमान में उत्तर प्रदेश के कार्यवाहक DGP हैं।
उनका जन्म लखनऊ में हुआ था और उन्होंने IIT रुड़की से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन में इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है।
IPS बनने से पहले उन्होंने UPSC परीक्षा पास कर देश की प्रतिष्ठित सिविल सेवाओं में स्थान हासिल किया।
भर्ती परीक्षा और टेक्नोलॉजी में बड़ी उपलब्धि
राजीव कृष्ण को पुलिस भर्ती प्रणाली में पारदर्शिता के लिए जाना जाता है।
उनके नेतृत्व में:
- 60,000+ सिपाहियों की भर्ती परीक्षा
- पूरी तरह “पेपर लीक फ्री” प्रक्रिया
- डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम
इस उपलब्धि ने उनकी प्रशासनिक साख को मजबूत किया।
हाईटेक पुलिसिंग और ‘ऑपरेशन पहचान’
उन्होंने अपराध नियंत्रण के लिए तकनीक आधारित “ऑपरेशन पहचान” ऐप शुरू किया, जिससे अपराधियों की ट्रैकिंग और निगरानी आसान हुई।
फील्ड में भी मजबूत छवि
2004 में आगरा SSP रहते हुए उन्होंने चंबल के बीहड़ में सक्रिय डकैतों और अपहरण गिरोहों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया था।
चार साल बाद स्थायी नेतृत्व की उम्मीद
मई 2022 के बाद से उत्तर प्रदेश पुलिस को स्थायी DGP नहीं मिला था और अब UPSC की इस बैठक के बाद राज्य को नया पूर्णकालिक पुलिस प्रमुख मिलने की उम्मीद है।



