बरेली में शिक्षकों को भूसा जुटाने का आदेश बना विवाद, लेटर वायरल होने से मचा हड़कंप

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में शिक्षा विभाग का एक लेटर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि शिक्षकों को स्कूलों में पढ़ाने के साथ-साथ अब गोवंशों के लिए भूसा जुटाने की जिम्मेदारी भी दी गई है।
क्या है मामला?
वायरल लेटर के अनुसार, जिले में निराश्रित गोवंशों के लिए गोशालाओं में भूसे की व्यवस्था करने का अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत:
- जिले का लक्ष्य करीब 1500 कुंतल भूसा जुटाना तय किया गया
- ब्लॉक स्तर पर 100-100 कुंतल का टारगेट बांटा गया
- स्कूलों को भी कोटे के अनुसार भूसा देने को कहा गया
शिक्षकों में नाराजगी
Basic Education Department Uttar Pradesh के इस कथित आदेश के बाद शिक्षकों में नाराजगी देखने को मिल रही है।
शिक्षकों का कहना है कि:
- उनका मुख्य काम पढ़ाई कराना है
- पहले ही चुनाव, सर्वे और अन्य गैर-शैक्षणिक कार्यों का बोझ है
- अब भूसा जुटाने जैसी जिम्मेदारी से शिक्षा प्रभावित होगी
वायरल लेटर पर मचा विवाद
नवाबगंज खंड शिक्षा अधिकारी का पत्र वायरल होने के बाद मामला सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया। व्हाट्सऐप ग्रुपों में लेटर पहुंचते ही शिक्षकों ने इसका विरोध शुरू कर दिया।
कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि आदेश न मानने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई थी, जिससे विवाद और बढ़ गया।
प्रशासन का पक्ष
District Administration Bareilly की ओर से कहा गया है कि यह अभियान गोशालाओं के लिए भूसा दान के सहयोग से जुड़ा है और इसे अनिवार्य नहीं बताया गया है।
वहीं, स्थानीय अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी शिक्षक पर कार्रवाई की बात नहीं है और कुछ हिस्सों में गलतफहमी के कारण विवाद बढ़ा।



