बरेली में मासूम किडनैपिंग कांड का खुलासा, स्टाफ नर्स समेत 2 गिरफ्तार

बरेली (उत्तर प्रदेश): जिले में डेढ़ साल के मासूम बच्चे के अपहरण का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पूछताछ में जो खुलासा हुआ, उसने पूरे सिस्टम को हिला दिया—पैसे और गर्लफ्रेंड के शौक पूरे करने के लिए एक स्टाफ नर्स ने बच्चा चोरी का रैकेट शुरू कर दिया।
कैसे हुआ मासूम का अपहरण?
पुलिस के मुताबिक, शाहजहांपुर निवासी योगेश कन्नौजिया, जो मेडिकल कॉलेज में स्टाफ नर्स के तौर पर काम करता था, जल्दी पैसा कमाने के लालच में इस अपराध में शामिल हुआ। उसके साथ बदायूं निवासी पवन चंदेल भी था।
दोनों ने मिलकर लखीमपुर खीरी से लेकर दिल्ली तक फैले नेटवर्क के साथ काम शुरू किया। मासूम ऋषभ को 24 मई की सुबह मनौना धाम श्याम मंदिर परिसर से टॉफी और 40 रुपये देकर बहलाकर उठा लिया गया।
दिल्ली में बेचने की थी तैयारी
जांच में सामने आया कि बच्चे को दिल्ली ले जाकर गिरोह के सरगना उत्तम सिंह को सौंपने की योजना थी, जिसके बदले आरोपियों को करीब 60 हजार रुपये मिलने थे।
पुलिस से मुठभेड़ और गिरफ्तारी
भागने के दौरान आरोपियों की बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गई। बाद में पुलिस ने पीछा किया तो आरोपियों ने फायरिंग की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी के पैर में गोली लगी और दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। उनके पास से तमंचे, कारतूस और बिना नंबर की बाइक बरामद हुई है।
पूरा नेटवर्क खंगाल रही पुलिस
एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा के अनुसार, इस मामले में अब मुख्य सरगना उत्तम सिंह की तलाश जारी है। पुलिस को शक है कि यह गिरोह पहले भी कई बच्चों की खरीद-फरोख्त कर चुका है और इसका नेटवर्क बरेली, लखीमपुर खीरी, शाहजहांपुर और दिल्ली तक फैला है।
मासूम की घर वापसी से राहत
मासूम ऋषभ के सकुशल मिलने के बाद परिवार में खुशी लौट आई। बच्चे को देखकर परिजन भावुक हो गए। पिता ने कहा कि अपहरण के बाद पूरा परिवार सदमे में था, लेकिन अब बच्चे की सुरक्षित वापसी ने राहत दी है।



