ओवैसी बोले– मुसलमानों को बनाया जा रहा निशाना, “नमाज़ नहीं छोड़ेंगे”; धार्मिक मुद्दों पर बढ़ी बहस

नई दिल्ली/हैदराबाद: AIMIM प्रमुख और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने शुक्रवार (29 मई 2026) को एक कार्यक्रम में कहा कि देश में मुसलमानों को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है और उनके धार्मिक मामलों को बार-बार विवाद का विषय बनाया जाता है। उन्होंने साफ कहा कि मुसलमान अपने धार्मिक अधिकारों का पालन करते रहेंगे और नमाज़ नहीं छोड़ेंगे।
“त्योहार आते ही विवाद खड़ा किया जाता है”
ईद मिलाप कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि जब भी रमज़ान, ईद या बकरीद जैसे त्योहार आते हैं, तब अज़ान, नमाज़ और अन्य धार्मिक प्रथाओं को लेकर विवाद खड़ा कर दिया जाता है।
उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर लोगों को अज़ान और नमाज़ से आपत्ति क्यों होती है।
धार्मिक स्वतंत्रता और संविधान का हवाला
ओवैसी ने संविधान के अनुच्छेद 25 का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत का संविधान सभी नागरिकों को अपने धर्म का पालन करने की स्वतंत्रता देता है। उन्होंने कहा कि देश में हर धर्म के लोग अपने त्योहार सार्वजनिक स्थानों पर मनाते हैं, ऐसे में केवल एक समुदाय को निशाना बनाना उचित नहीं है।
“मुसलमान नमाज़ नहीं छोड़ेंगे”
AIMIM प्रमुख ने दोहराया कि आलोचना या विरोध के बावजूद मुसलमान नमाज़ नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोगों ने उनसे कहा है कि टीवी बहसों के बाद उन्होंने मस्जिद जाकर नमाज़ पढ़ना शुरू किया है।
सार्वजनिक आयोजनों पर भी उठाए सवाल
ओवैसी ने कहा कि देश में कई धार्मिक यात्राओं और जुलूसों के दौरान सड़कें बंद होती हैं और बड़े आयोजन किए जाते हैं, लेकिन उन पर आपत्ति नहीं की जाती। वहीं कुछ जगहों पर नमाज़ को लेकर विवाद खड़ा कर दिया जाता है।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी धर्म के आयोजन के दौरान नियम लागू किए जाते हैं तो सभी धर्मों पर समान नियम लागू होने चाहिए।
इतिहास और घटनाओं का जिक्र
अपने संबोधन में ओवैसी ने तुर्कमान गेट, मलियाना, हाशिमपुरा और नेल्ली जैसी ऐतिहासिक घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद मुस्लिम समुदाय देश में रहा है और आगे भी यहीं रहेगा।
मुख्यमंत्री योगी के बयान पर प्रतिक्रिया
ओवैसी का यह बयान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हालिया बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि नमाज़ को व्यवस्थित तरीके से और कानून-व्यवस्था के दायरे में रहकर आयोजित किया जाना चाहिए।
सीएम योगी ने यह भी कहा था कि आवश्यकता पड़ने पर प्रशासन नियमों का पालन सुनिश्चित करेगा।
राजनीतिक बहस तेज
ओवैसी के बयान के बाद एक बार फिर धार्मिक स्वतंत्रता और सार्वजनिक व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से इस मुद्दे पर प्रतिक्रियाएं आने की संभावना है।




