शुभेंदु सरकार का आज मंत्रिमंडल विस्तार, 35 विधायक लेंगे मंत्री पद की शपथ
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार का सोमवार (1 जून) को बड़ा मंत्रिमंडल विस्तार होने जा रहा है। लोकभवन में आयोजित समारोह में राज्यपाल आर. एन. रवि सुबह 11 बजे 35 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाएंगे। इस विस्तार के बाद राज्य मंत्रिमंडल में मंत्रियों की कुल संख्या बढ़कर 41 हो जाएगी।
मंत्रिमंडल विस्तार से पहले संभावित मंत्रियों की सूची सामने आई
सूत्रों के अनुसार, भाजपा के कई वरिष्ठ और नए चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। संभावित मंत्रियों में प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:
- शंकर घोष (सिलीगुड़ी)
- मालती राव रॉय (तुफानगंज, कूचबिहार)
- मनोज उरांव (कुमारग्राम, अलीपुरद्वार)
- बिशाल लामा (कालचीनी)
- दीपक बर्मन (फालाकाटा)
- आनंदमय बर्मन (माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी)
- तपस रॉय (मानिकतला)
- शरद्वात मुखर्जी (बिधाननगर)
- पूर्णिमा चक्रवर्ती (श्यामपुकुर)
- इंद्रनील खान (बेहाला पश्चिम)
- जगन्नाथ चट्टोपाध्याय (सिउरी, बीरभूम)
- उमेश राय (हावड़ा उत्तर)
- अशोक डिंडा (मोयना, पूर्वी मेदिनीपुर)
- अर्जुन सिंह (नोआपाड़ा, उत्तर 24 परगना)
- सुमित्रा चट्टोपाध्याय (नैहाटी)
- सुमना सरकार (बालागढ़, हुगली)
- गौरीशंकर घोष (मुर्शिदाबाद)
- रूपा गंगोपाध्याय (सोनारपुर दक्षिण)
- गार्गी दास घोष (कांडी, मुर्शिदाबाद)
9 मई को शुभेंदु अधिकारी ने ली थी मुख्यमंत्री पद की शपथ
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद 9 मई को शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के शीर्ष नेतृत्व और एनडीए शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्री मौजूद रहे थे।
मुख्यमंत्री के साथ भाजपा नेताओं दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, निसिथ प्रमाणिक, अशोक कीर्तनिया और खुदीराम टुडू ने भी मंत्री पद की शपथ ली थी।
मंत्रिमंडल में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन पर जोर
भाजपा सरकार का मौजूदा मंत्रिमंडल विभिन्न सामाजिक और क्षेत्रीय वर्गों को प्रतिनिधित्व देने की रणनीति पर आधारित है। इसमें ब्राह्मण, ओबीसी, आदिवासी, मतुआ और राजबंशी समुदायों के नेताओं को शामिल किया गया है। नए विस्तार के बाद यह संतुलन और मजबूत होने की उम्मीद है।
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 में भाजपा की ऐतिहासिक जीत
हाल ही में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 294 सदस्यीय विधानसभा में 208 सीटें जीतकर तृणमूल कांग्रेस के 15 साल पुराने शासन का अंत कर दिया। यह पूर्वी भारत में भाजपा की अब तक की सबसे बड़ी चुनावी सफलता मानी जा रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मंत्रिमंडल विस्तार के जरिए भाजपा सरकार प्रशासनिक मजबूती के साथ-साथ आगामी लोकसभा और स्थानीय निकाय चुनावों के लिए भी संगठनात्मक संदेश देने की तैयारी कर रही है।



