Delhi Building Collapse: सपनों का शहर बना मलबा, डॉक्टर-इंजीनियर समेत कई युवाओं की दर्दनाक मौत

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के साकेत मेट्रो स्टेशन के पास वेस्टर्न मार्ग (गली नंबर-5) में हुए इमारत हादसे ने कई परिवारों के सपनों को हमेशा के लिए खत्म कर दिया। इस दर्दनाक घटना में कई युवा अपनी जान गंवा बैठे, जिनमें डॉक्टर बनने का सपना देख रहा यूपी का रवि, सिविल इंजीनियर आलोक वर्मा और रेलवे अफसर बनने की तैयारी कर रहा नलिन शामिल हैं।
डॉक्टर बनने का सपना अधूरा रह गया
उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के तरबगंज निवासी 26 वर्षीय रवि एक दिन सफल डॉक्टर बनकर देश की सेवा करना चाहता था। उनके किसान पिता ने कर्ज लेकर करीब 30 लाख रुपये खर्च कर बेटे को किर्गिस्तान की जलाल-अबाद स्टेट यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस कराने का सपना पूरा किया।
रवि अगस्त 2024 में भारत लौटे थे और FMGE परीक्षा की तैयारी में जुटे थे। वह 28 जून को होने वाली परीक्षा के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे थे, लेकिन परीक्षा से कुछ दिन पहले ही हुए हादसे ने उनका सपना हमेशा के लिए खत्म कर दिया।
मलबे में बुझ गया इंजीनियर आलोक का सपना
इसी हादसे में सिविल इंजीनियर आलोक वर्मा की भी मौत हो गई। वे उसी इमारत में स्थित एक कोचिंग संस्थान में पढ़ाई कर रहे थे। हादसे के बाद उनके दोस्त पूरी रात उन्हें फोन करते रहे, इस उम्मीद में कि वह सुरक्षित होंगे।
एक दोस्त ने भावुक होकर बताया, “रात 11 बजे तक फोन बजता रहा… हमें लगा कि वह मलबे में फंसे होंगे और फोन उठाएंगे, लेकिन इसके बाद फोन हमेशा के लिए बंद हो गया।”
नलिन का ‘पक्का घर’ का सपना भी टूटा
बिहार के नवादा जिले के रहने वाले नलिन रेलवे में अधिकारी बनने के लिए दिल्ली आए थे। वे अपने माता-पिता के लिए एक पक्का घर बनवाने का सपना देखते थे।
हादसे से कुछ ही मिनट पहले वे अपने दोस्त के साथ कैंटीन में थे। तभी अचानक जोरदार धमाके के साथ इमारत ढह गई। सुबह मलबे से उनका शव बरामद हुआ, जिसके साथ ही उनके परिवार का सपना भी टूट गया।
कैसे हुआ हादसा?
दिल्ली के साकेत इलाके में हुए इस बिल्डिंग हादसे ने पूरे शहर को हिला कर रख दिया है। इमारत अचानक ढह गई, जिससे वहां मौजूद कई लोग मलबे में दब गए। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान कई शव बरामद किए गए।
MCD ने दो अधिकारियों को किया सस्पेंड
हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) ने कार्रवाई करते हुए दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया है।
- जूनियर इंजीनियर अमन जैन को लापरवाही के आरोप में सस्पेंड किया गया
- असिस्टेंट इंजीनियर सुदेश सिंह चौहान को निगरानी में ढिलाई के कारण निलंबित किया गया
MCD ने कहा है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सपनों के साथ खत्म हुई जिंदगी
यह हादसा सिर्फ एक इमारत का ढहना नहीं था, बल्कि कई परिवारों के सपनों का टूटना था। डॉक्टर, इंजीनियर और अधिकारी बनने की तैयारी कर रहे युवाओं की असमय मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया है।



