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लेबनान पर इजरायली हमलों को लेकर दोनों नेताओं के बीच फोन पर हुई थी जोरदार बहस

वॉशिंगटन/न्यूयॉर्क: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्वीकार किया है कि उन्होंने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को फोन पर बातचीत के दौरान “पागल” कहा था। ट्रंप ने बताया कि लेबनान में जारी इजरायली सैन्य कार्रवाई को लेकर वह बेहद परेशान थे और इसी मुद्दे पर नेतन्याहू के साथ उनकी तीखी बहस हुई थी।

न्यूयॉर्क पोस्ट के एक पॉडकास्ट में 3 जून 2026 को ट्रंप ने कहा, “हां, मैंने ऐसा कहा था। मैं गुस्से में नहीं था, लेकिन लेबनान के साथ लगातार चल रही जंग से परेशान हो गया था। मैंने बीबी (नेतन्याहू) से कहा कि हमें यह सब रोकना होगा।”

नेतन्याहू को ट्रंप ने क्यों कहा ‘पागल’?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, लेबनान पर लगातार हो रहे इजरायली हमलों को लेकर ट्रंप नाराज थे। इसी दौरान फोन पर बातचीत में उन्होंने नेतन्याहू से कहा, “तुम पूरी तरह पागल हो चुके हो। अगर मैं न होता, तो तुम आज जेल में होते। मैं तुम्हारी जान बचा रहा हूं। तुम्हारी इन हरकतों की वजह से पूरी दुनिया इजरायल से नाराज हो रही है।”

बताया जा रहा है कि यह बातचीत उस समय हुई जब अमेरिका क्षेत्र में तनाव कम करने और युद्धविराम लागू कराने की कोशिशों में जुटा था।

नेतन्याहू के साथ रिश्तों पर क्या बोले ट्रंप?

हालांकि ट्रंप ने आलोचना के बावजूद नेतन्याहू के साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों को मजबूत बताया। उन्होंने कहा, “मेरा बीबी के साथ बहुत अच्छा रिश्ता है। हमने साथ मिलकर कई अच्छे काम किए हैं और मैं उन्हें बहुत पसंद करता हूं।”

ट्रंप के इस बयान से साफ है कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत संबंध कायम हैं।

लेबनान-इजरायल युद्धविराम पर बनी सहमति

ट्रंप की नाराजगी के बावजूद नेतन्याहू ने पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लेबनान के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखने की बात कही थी। लेकिन अब अमेरिका की मध्यस्थता में हुई वार्ता के बाद इजरायल और लेबनान युद्धविराम के लिए सहमत हो गए हैं।

दोनों देशों ने संयुक्त बयान जारी कर इसकी पुष्टि की है। बयान के अनुसार, युद्धविराम तभी पूरी तरह लागू होगा जब ईरान समर्थित संगठन हिजबुल्लाह सभी हमले और गोलीबारी बंद करेगा।

मध्य पूर्व में शांति की दिशा में बड़ा कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि इजरायल-लेबनान संघर्ष में युद्धविराम की सहमति मध्य पूर्व में तनाव कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकती है। अमेरिका लंबे समय से दोनों पक्षों के बीच संघर्ष विराम की कोशिश कर रहा था।

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