‘सोनिया गांधी ने किया था शशि थरूर का बचाव’, IPL के पूर्व चेयरमैन का बड़ा दावा

नई दिल्ली: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के पूर्व चेयरमैन ललित मोदी ने 2010 के चर्चित कोच्चि टस्कर्स केरल फ्रेंचाइजी विवाद को लेकर कई सनसनीखेज दावे किए हैं। एक हालिया इंटरव्यू में उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन केंद्रीय मंत्री शशि थरूर और उनकी दिवंगत पत्नी सुनंदा पुष्कर से जुड़े विवाद के दौरान कांग्रेस नेतृत्व और यूपीए सरकार का पूरा तंत्र थरूर के बचाव में उतर आया था।
समाचार एजेंसी ANI को दिए इंटरव्यू में ललित मोदी ने दावा किया कि जब उन्होंने कोच्चि कंसोर्टियम की बोली और कथित इक्विटी संरचना पर सवाल उठाए, तब राजनीतिक स्तर पर उनके खिलाफ माहौल बनाया गया।
‘सोनिया गांधी कर रही थीं समर्थन’ – ललित मोदी
इंटरव्यू के दौरान जब उनसे पूछा गया कि उस समय शशि थरूर का समर्थन कौन कर रहा था, तो ललित मोदी ने जवाब दिया, “सोनिया गांधी।”
उन्होंने दावा किया कि उस दौर में उन पर कई दिशाओं से दबाव बनाया गया था। ललित मोदी के अनुसार, उन्हें तत्कालीन कांग्रेस नेता अहमद पटेल और पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के भी फोन आते थे।
मोदी ने कहा, “हर तरफ से मुझ पर निशाना साधा गया था। मुझे अहमद पटेल के फोन आते थे। उन दिनों प्रणब मुखर्जी के फोन आते थे। मैं उन सभी के साथ दोस्ताना था। राजीव शुक्ला भी मेरे पास आकर यह करने और वह करने की बात कहते थे।”
क्या था कोच्चि टस्कर्स विवाद?
साल 2010 में आईपीएल की नई फ्रेंचाइजी कोच्चि टस्कर्स केरल की बोली और उसके स्वामित्व ढांचे को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। उस समय ललित मोदी ने सोशल मीडिया पर कुछ दस्तावेज सार्वजनिक किए थे, जिनमें सुनंदा पुष्कर को कथित रूप से “स्वेट इक्विटी” मिलने का मुद्दा सामने आया था।
इस विवाद के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई थी और शशि थरूर को केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। हालांकि, थरूर ने किसी भी तरह की अनियमितता से इनकार किया था।
ललित मोदी ने लगाए गंभीर आरोप
ललित मोदी का दावा है कि उन्होंने कोच्चि फ्रेंचाइजी से जुड़े कथित अनियमितताओं के मुद्दे को उठाया था, लेकिन इसके बाद उन्हें निशाना बनाया गया। उनका आरोप है कि राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई, जिसके चलते उन्हें आईपीएल और भारतीय क्रिकेट प्रशासन से बाहर होना पड़ा।
हालांकि, ललित मोदी के इन आरोपों पर संबंधित नेताओं या कांग्रेस की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राजनीतिक हलकों में फिर गरमाया पुराना विवाद
ललित मोदी के ताजा दावों ने एक बार फिर 2010 के आईपीएल और कोच्चि टस्कर्स विवाद को चर्चा में ला दिया है। यह मामला भारतीय क्रिकेट, राजनीति और कारोबारी हितों के कथित टकराव का एक बड़ा उदाहरण माना जाता है।




