उत्तर प्रदेश

कन्नौज में सड़क किनारे टेंट में रात बिताने को मजबूर हुए शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद

कन्नौज। ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में सड़क किनारे बने एक अस्थायी टेंट में रात बितानी पड़ी। उनके सहयोगियों का आरोप है कि प्रशासन ने उनके निर्धारित रात्रि विश्राम स्थल को अनुमति देने से इनकार कर दिया, जिसके कारण अंतिम समय में कार्यक्रम में बदलाव करना पड़ा।

जानकारी के अनुसार, शंकराचार्य अपनी ‘गौ विष्टि यात्रा’ के तहत बुधवार को कन्नौज पहुंचे थे। उनका रात्रि विश्राम छिबरामऊ क्षेत्र के सलेमपुर स्थित आशा पब्लिक स्कूल में प्रस्तावित था। आयोजकों का दावा है कि शाम के समय प्रशासन की ओर से उन्हें सूचित किया गया कि स्कूल परिसर में ठहरने की अनुमति नहीं दी जा सकती, जिसके बाद पूर्व निर्धारित व्यवस्था रद्द करनी पड़ी।

इसके बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने पाल चौराहा स्थित स्वागत स्थल पर ही रात्रि विश्राम करने का निर्णय लिया। वहां जल्दबाजी में एक अस्थायी टेंट लगाया गया, जहां पूरी रात पुलिस बल तैनात रहा।

सहयोगियों के मुताबिक, भीषण गर्मी के बीच स्थल पर बिजली, पंखे और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था नहीं थी। ऐसे में सेवकों ने हाथ के पंखों से हवा कर शंकराचार्य को राहत पहुंचाने का प्रयास किया।

गुरुवार सुबह फर्रुखाबाद रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत में शंकराचार्य ने कहा कि उनकी ‘गौ विष्टि यात्रा’ लगातार जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि अब तक वह प्रदेश के लगभग 150 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा कर चुके हैं।

उन्होंने कहा कि यात्रा का मुख्य उद्देश्य गाय को ‘राष्ट्र माता’ का दर्जा दिलाने की मांग को जन-जन तक पहुंचाना, गौ-संरक्षण को बढ़ावा देना तथा धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता फैलाना है।

शंकराचार्य गुरुवार सुबह करीब आठ बजे अपने काफिले के साथ फर्रुखाबाद के लिए रवाना हो गए। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज है, जबकि प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

Related Articles

Back to top button