उत्तर प्रदेश

Lucknow Flood: गोमती-सई नदी उफान पर, फैजुल्लागंज की कॉलोनियां डूबीं—3,500 किसानों की फसलें तबाह, डीएम ने नाव से लिया जायजा

लखनऊ में गोमती और सई नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में बाढ़ की समस्या गहरा गई है। फैजुल्लागंज की कई कॉलोनियां पूरी तरह पानी में डूब गई हैं और घरों के अंदर कई फीट पानी भर गया है। लोग अपना जरूरी सामान समेटकर सुरक्षित जगहों की ओर जा रहे हैं। माल, इटौंजा, निगोहां, बंथरा और आसपास के क्षेत्रों में भी बाढ़ का असर साफ दिखाई दे रहा है। इन इलाकों में करीब 3,500 किसानों की धान, उड़द, बाजरा, चारा और सब्जियों की फसलें पानी में डूब चुकी हैं। फैजुल्लागंज के कई इलाकों में हर दिन बाढ़ का दायरा बढ़ता जा रहा है। दाउदनगर, मामा कॉलोनी, कैलाश विहार, कनौजिया चौराहा, नंदा फार्म हाउस, मिश्रा प्लानिंग एरिया और मस्जिद तिराहा पूरी तरह जलमग्न हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार पानी रोज करीब 300 मीटर नए क्षेत्र में फैल रहा है। ललित नगर, जैनब मस्जिद, राम विहार कॉलोनी और पवन विहार में भी घरों तक पानी पहुंच गया है। कई प्रभावित परिवार रिश्तेदारों के यहां चले गए हैं, जबकि खाली मकानों में चोरी की शिकायतें भी सामने आई हैं।

बाढ़ प्रभावित इलाकों में पानी के साथ सांपों का खतरा भी बढ़ गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार कई घरों और आसपास सांप दिखाई दे रहे हैं, जिससे लोगों में डर का माहौल है। राहत सामग्री पहुंचाने में पानी के कारण काफी परेशानी हो रही है। सामाजिक संगठनों ने प्रभावित लोगों को भोजन के पैकेट बांटे हैं। आवागमन के लिए नावों का इस्तेमाल किया जा रहा है। कुछ लोगों ने नाव के लिए पैसे लेने का आरोप लगाया है और प्रशासन से नावों की निगरानी की मांग की गई है। शुक्रवार को डीएम विशाख जी. और जेसीपी बबलू कुमार नाव से फैजुल्लागंज पहुंचे और बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने राहत कार्यों की जानकारी ली। बताया गया कि लोगों के आने-जाने और राहत सामग्री पहुंचाने के लिए 24 नावें लगाई गई हैं। डीएम ने जरूरत को देखते हुए 10 और नावों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। साथ ही बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं की पहचान कर सूची बनाने को कहा गया, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें जल्दी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।

बख्शी का तालाब क्षेत्र के कई गांवों में भी पानी घरों तक पहुंच गया है। बहादुरपुर गांव के 68 वर्षीय छोटा ने बताया कि रात में पानी तेजी से बढ़ा और सुबह तक आंगन में करीब पांच फीट पानी भर गया। परिवार के करीब 12 सदस्यों और मवेशियों को सुरक्षित जगह ले जाना पड़ा। लासा, अकड़रिया खुर्द, दुधरा, सुल्तानपुर, बहादुरपुर और हीरापुरवा के करीब 50 घरों में पानी भरने की सूचना है। ग्रामीण ट्रैक्टर और नाव से भूसा, अनाज तथा जरूरी सामान निकाल रहे हैं। गोमती और सई नदियों की बाढ़ से कई ग्रामीण इलाकों में फसलें खराब हो गई हैं। अकड़रिया खुर्द, अकड़रिया कला, लासा, सुल्तानपुर, बहादुरपुर और हीरापुरवा के साथ कई गांव प्रभावित हैं। जमखनवा, दुधरा, हरदा, शिवपुरी, कठवारा, मल्लाहनखेड़ा, अस्तल, सरौरा और दुगवरी में धान, उड़द तथा विभिन्न सब्जियों की फसल डूब गई है। निगोहां के जवाहरखेड़ा, चिरानीखेड़ा, मीरानपुर और बरवलिया में करीब 100 बीघा फसल जलमग्न है। प्रशासन राहत और बचाव में लगातार जुटा है और लोगों को जल्दी सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है।

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