सीतापुर: प्रधान और उसके बेटे पर 5 हजार लेकर आवास न दिलाने का आरोप, DM ने दिया जांच का आदेश

सीतापुर। संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान एक गंभीर शिकायत सामने आई। ग्राम पंचायत भदेभर निवासी ललित कुमार ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री आवास दिलाने के नाम पर गांव के प्रधान और उनके बेटे ने उससे पांच हजार रुपये ले लिए, लेकिन इसके बाद भी आवास आवंटन की सूची में उसका नाम नहीं आया। शिकायतकर्ता का कहना है कि पात्रता के बाद भी उसे कच्चे मकान में रहकर गुजर-बसर करना पड़ रहा है। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच का आदेश दिया गया है। समाधान दिवस में पहुंचे जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर ने बताया कि बिसवां, महमूदाबाद और लहरपुर तहसील बाढ़ से प्रभावित हैं और यहां राहत कार्य लगातार जारी है। अब तक कराए गए सर्वे के अनुसार बिसवां तहसील में लगभग 77 हजार किसान प्रभावित हैं। इनके लिए सरकार द्वारा 18 करोड़ रुपये मुहैया कराए गए हैं। सोमवार तक इसकी फीडिंग कंप्यूटर में होने के बाद किसानों को राहत राशि वितरित की जाएगी। उन्होंने बताया कि मकान का भी सर्वे चल रहा है और जिन किसानों की फसलों का सर्वे छूट गया है, उसे भी पूरा कराया जाएगा। जिलाधिकारी ने टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत सेकसरिया चीनी मिल द्वारा उपलब्ध कराई गई पौष्टिक खाद्य सामग्री 50 मरीजों को बांटी।
समाधान दिवस के दौरान तहसीलों में कुल 483 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 55 का निस्तारण मौके पर कराया गया। इस दौरान सदर तहसील में दर्ज हुई 35 में से 4, महोली में 28 में से 4, मिश्रिख तहसील में 87 में से 11, महमूदाबाद में 34 में से 8, लहरपुर में 41 में से 4 और सिधौली तहसील में दर्ज हुए 146 में से 13 मामलों का निस्तारण पक्षकारों की सहमति के आधार पर मौके पर कराया गया। इसी तरह बिसवां में 112 शिकायतों में से 11 मामले निस्तारित कराए गए। इस बीच लहरपुर के कोडरा मजरा पर्वतपुर निवासी रोशन, नेवाजी, रामकुमार, चंद्रेश और प्रमोद ने प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि आंधी-तूफान से उनके मकानों पर पेड़ गिर गया, जिससे मकान क्षतिग्रस्त हो गए। इसकी जांच स्थानीय लेखपाल ने भी कर ली थी, लेकिन आज तक उन्हें कोई सरकारी सहायता या मुआवजा नहीं मिला है। पीड़ितों ने मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है।
वहीं सिधौली में शनिवार को तहसील क्षेत्र के लेखपालों ने संपूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार कर परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। एसडीएम को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि लेखपाल राजस्व प्रशासन की रीढ़ होते हुए भी बढ़ते कार्यभार और संसाधनों के अभाव में काम कर रहे हैं। उनकी वर्षों पुरानी मांगें लंबित हैं। लेखपालों ने मांगें पूरी न होने पर 17 अक्टूबर से संपूर्ण कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी है। उधर बिसवां बार एसोसिएशन ने भी जिलाधिकारी को जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र न्यायालय बनवाने संबंधी अपनी मांग का एक ज्ञापन सौंपा है।




