अखिलेश यादव ने की आजम खान से मुलाकात, सपा के पुराने रिश्तों में नई गर्माहट

समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान से मुलाकात की। यह मुलाकात कई मायनों में अहम मानी जा रही है, क्योंकि आजम खान की जेल से रिहाई के बाद यह दोनों नेताओं की पहली आमने-सामने बातचीत थी।
आजम खान 23 सितंबर को लगभग 23 महीने जेल में रहने के बाद जमानत पर रिहा हुए थे। इस बीच पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से उनकी कोई औपचारिक मुलाकात नहीं हुई थी। अब अखिलेश का यह रामपुर दौरा न सिर्फ राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, बल्कि इससे सपा के अंदर एकता का संदेश भी गया है।
रामपुर पहुंचे अखिलेश, आजम खान ने किया स्वागत
सपा प्रमुख अखिलेश यादव बुधवार सुबह लखनऊ से विमान द्वारा बरेली पहुंचे और वहां से हेलीकॉप्टर के जरिए रामपुर रवाना हुए। उनका हेलीकॉप्टर मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय परिसर में उतरा, जहां आजम खान ने स्वयं उनकी अगवानी की।
इसके बाद अखिलेश यादव सीधे आजम खान के आवास पहुंचे। सूत्रों के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच करीब आधे घंटे की बंद कमरे में मुलाकात हुई, जिसमें पार्टी की मौजूदा स्थिति, 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी और मुस्लिम समाज से जुड़ी रणनीतियों पर चर्चा हुई।
आजम खान की वापसी सपा के लिए बड़ा संकेत
सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान लंबे समय से डकैती, चोरी, और जमीन कब्जाने जैसे मामलों में जेल में बंद थे। उनकी रिहाई के बाद सियासी गलियारों में यह चर्चा जोरों पर थी कि क्या अब आजम सपा के मंच पर दोबारा दिखाई देंगे या नहीं।
अखिलेश यादव की यह मुलाकात अब उस संभावना को मजबूत करती दिख रही है कि आजम खान फिर से सक्रिय राजनीति में वापसी कर सकते हैं।
राजनीतिक विश्लेषण — मुस्लिम वोट बैंक पर नजर
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अखिलेश यादव की यह पहल सपा के मुस्लिम वोट बैंक को एकजुट रखने की रणनीति का हिस्सा है।
रामपुर, मुरादाबाद, अमरोहा और संभल जैसे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इलाकों में आजम खान की मजबूत पकड़ रही है।
आजम खान न केवल समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से हैं, बल्कि वे दिवंगत मुलायम सिंह यादव के सबसे करीबी सहयोगियों में भी गिने जाते थे।
अखिलेश की यह मुलाकात उस वक्त हुई है जब सपा 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी है और पार्टी के लिए मुस्लिम समाज का भरोसा दोबारा जीतना बेहद अहम हो गया है।
अखिलेश यादव की पहली प्रतिक्रिया
मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने संक्षिप्त बयान में कहा —
“आजम खान पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। मैं उनके स्वास्थ्य और हालचाल जानने आया था। हम सब एक साथ हैं और समाजवादी विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
हालांकि उन्होंने किसी राजनीतिक रणनीति पर सीधे तौर पर टिप्पणी करने से परहेज किया, लेकिन पार्टी सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में आजम खान सपा के मंचों और चुनाव अभियानों में दोबारा नजर आ सकते हैं।
2027 की रणनीति की शुरुआत
यह मुलाकात समाजवादी पार्टी के भीतर “पुराने चेहरों की वापसी” और “एकजुटता का संदेश” देने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अखिलेश यादव और आजम खान की नजदीकी बढ़ना, पार्टी को पश्चिमी यूपी में फिर से मज़बूत आधार दिला सकता है।


