कर्नाटक सरकार का पर्यावरण बचाने का कदम, सरकारी कार्यक्रमों में प्लास्टिक बैन

कर्नाटक सरकार ने सरकारी कार्यालयों, बैठकों और समारोहों में प्लास्टिक की बोतलों के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगा दी है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि वे पर्यावरण-अनुकूल सामग्री से बने बर्तनों और बोतलों का उपयोग सुनिश्चित करें। इसके तहत सरकारी कार्यालयों में केएमएफ के नंदिनी व्यंजन भी अनिवार्य कर दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने ट्वीट में कहा, “सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक समारोहों में प्लास्टिक के बजाय पर्यावरण-अनुकूल बर्तनों का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए।”
इसके अलावा, सरकार राज्य के कुछ विश्वविद्यालयों के नाम बदलने की तैयारी कर रही है। प्रस्ताव के अनुसार विश्वविद्यालयों के नाम विश्वगुरु बसवण्णा, कनकदास, नालवडी कृष्णराज ओडेयार और डी. देवराज अरसु जैसे सामाजिक और सांस्कृतिक प्रवर्तकों के नाम पर रखने पर विचार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को अगले मंत्रिमंडल में इस प्रस्ताव को पेश करने का निर्देश दिया है।


