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अजित पवार से नहीं बनी बात, शरद पवार की NCP फिर महाविकास अघाड़ी के साथ, पुणे में अहम बैठक

पुणे: नगर निगम चुनावों से पहले महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। अजित पवार के साथ हुई बातचीत में सहमति नहीं बनने के बाद शरद पवार गुट की एनसीपी (NCP-SP) एक बार फिर महाविकास अघाड़ी (MVA) के पास लौट आई है। शनिवार को पुणे के शांताई होटल में कांग्रेस, उद्धव ठाकरे की शिवसेना और शरद पवार गुट की एनसीपी की संयुक्त बैठक चल रही है।

महाविकास अघाड़ी की जॉइंट मीटिंग

इस बैठक में शरद पवार गुट की ओर से विशाल तांबे, अंकुश काकड़े, मनाली भिलारे, अश्विनी कदम और विधायक बापूसाहेब पठारे मौजूद हैं।
कांग्रेस की ओर से अरविंद शिंदे, अभय छाजेड और रमेश बागवे बैठक में शामिल हुए हैं।
वहीं उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना से वसंत मोरे, गजानन थरकुडे और संजय मोरे मौजूद हैं।

अजित पवार से क्यों टूटी बातचीत?

सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार दोपहर शरद पवार गुट की एनसीपी और अजित पवार गुट के बीच बैठक हुई थी। इस बैठक में अजित पवार की पार्टी ने शरद पवार गुट को सिर्फ 35 सीटें देने का प्रस्ताव रखा। इसके साथ ही शर्त रखी गई कि इन सीटों पर चुनाव ‘घड़ी’ के चुनाव चिन्ह पर लड़ा जाएगा।

बताया जा रहा है कि ये दोनों शर्तें शरद पवार गुट को मंजूर नहीं थीं। इसी कारण उन्होंने बैठक से वॉकआउट कर दिया और इसके तुरंत बाद महाविकास अघाड़ी के साथ दोबारा बातचीत शुरू कर दी।

गठबंधन को लेकर पहले भी मिल चुके थे संकेत

बीएमसी चुनाव से पहले महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने शुक्रवार को पिंपरी-चिंचवड़ में NCP (SP) नेता आज़म पानसरे से मुलाकात की थी। उस मुलाकात के बाद पानसरे ने कहा था कि शरद पवार गुट अजित पवार गुट के साथ गठबंधन को लेकर इच्छुक है और दोनों पक्षों के बीच बातचीत चल रही है।

यह बयान एनसीपी (SP) सांसद सुप्रिया सुले के हालिया बयान के बाद आया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि दोनों गुटों के वरिष्ठ नेताओं के बीच संवाद हुआ है।

नगर निगम चुनावों से पहले बढ़ी हलचल

अगले महीने म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन चुनाव होने की संभावना है। ऐसे में महाराष्ट्र की सभी प्रमुख पार्टियां अलग-अलग गठबंधन विकल्पों पर काम कर रही हैं। शरद पवार गुट का एक बार फिर महाविकास अघाड़ी के साथ आना राज्य की राजनीति में नए समीकरणों के संकेत दे रहा है।

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