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BMC चुनाव में बीजेपी की बंपर जीत, मुंबई में पहली बार बनेगा मेयर; ठाकरे भाइयों को करारी शिकस्त

मुंबई। बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। 227 वार्डों वाली देश की सबसे अमीर नगर निकाय में बीजेपी 100 से ज्यादा वार्डों में जीत हासिल करती दिख रही है। इसके साथ ही बीजेपी पहली बार मुंबई में मेयर बनाने जा रही है

इस चुनाव में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे का जादू नहीं चल पाया और ठाकरे भाइयों को करारी हार का सामना करना पड़ा।


स्टार उम्मीदवारों की हार ने खींचा ध्यान

BMC चुनाव में कई हाई-प्रोफाइल उम्मीदवारों को हार झेलनी पड़ी—

  • योगिता गवली (अरुण गवली की बेटी) – वार्ड 207
  • समाधान सरवंकर (सिद्धिविनायक ट्रस्ट अध्यक्ष सदा सरवंकर के बेटे)
  • दिप्ती वायकर (सांसद रविंद्र वायकर की बेटी) – वार्ड 73
  • रवि राजा (पूर्व विपक्ष नेता, BMC) – वार्ड 185

इन हारों को शिवसेना और क्षेत्रीय दलों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।


योगिता गवली पहली बार चुनाव लड़ीं, नहीं मिली जीत

अरुण गवली की बेटी योगिता गवली ने अपने पिता की पार्टी अखिल भारतीय सेना (ABS) के टिकट पर बायकुला-चिंचपोकली (वार्ड 207) से चुनाव लड़ा था।
मजबूत प्रचार और सेंट्रल मुंबई में परिवार के पुराने प्रभाव के बावजूद, उन्हें बीजेपी उम्मीदवार रोहिदास लोखंडे के हाथों हार का सामना करना पड़ा।

योगिता सामाजिक कार्यों से जुड़ी रही हैं और उन्होंने 2026 के सिविक चुनावों में पहली बार राजनीति में कदम रखा था। उनकी हार को ABS के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।


समाधान सरवंकर को भी शिकस्त

वार्ड नंबर 194 में समाधान सरवंकर को हार मिली।
समाधान, पूर्व विधायक और सिद्धिविनायक ट्रस्ट के अध्यक्ष सदा सरवंकर के बेटे हैं।
उनकी पत्नी तेजस्विनी लोनारी एक जानी-मानी एक्ट्रेस हैं, जो बिग बॉस मराठी और फिल्मी भूमिकाओं के लिए चर्चित रही हैं। दोनों ने 4 दिसंबर 2025 को शादी की थी।


अन्य प्रमुख मुकाबलों के नतीजे

  • वार्ड 106: बीजेपी के प्रभाकर शिंदे को MNS के सत्यवान दाल्वी ने हराया
  • वार्ड 1: बीजेपी की रेखा यादव ने कांग्रेस उम्मीदवार शीतल मात्रे को शिकस्त दी
  • वार्ड 185: बीजेपी के रवि राजा को हार, वे 2024 में कांग्रेस छोड़ बीजेपी में आए थे

नहीं चला ठाकरे भाइयों का साथ

करीब दो दशक बाद उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे साथ आए, लेकिन मतदाताओं पर इसका खास असर नहीं दिखा।

  • शिवसेना (UBT): 62 सीटों पर आगे
  • महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS): 9 सीटों पर आगे

कम हुआ मतदान प्रतिशत

अधिकारियों के मुताबिक—

  • मतदान प्रतिशत: 52.94%
  • 2017 में: 55.53%

चार साल की देरी के बाद कराए गए इन चुनावों में मतदान पहले के मुकाबले कम रहा।

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