जौहर ट्रस्ट से आजम खान परिवार का इस्तीफा, बहन निकहत अफलाक बनीं अध्यक्ष

समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खान ने अपने ड्रीम प्रोजेक्ट ‘मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट’ को लेकर बड़ा और चौंकाने वाला फैसला लिया है।
लगातार कानूनी परेशानियों और जेल यात्राओं के बीच आजम खान, उनकी पत्नी डॉ. तंजीन फातिमा और छोटे बेटे अब्दुल्ला आजम ने ट्रस्ट के सभी पदों से आधिकारिक तौर पर इस्तीफा दे दिया है।
इस फैसले के बाद ट्रस्ट की नई कार्यकारिणी का गठन कर दिया गया है।
आजम खान की बहन को मिली सबसे बड़ी जिम्मेदारी
ट्रस्ट के सुचारू संचालन के लिए बनाई गई नई कार्यकारिणी में आजम खान की बहन निकहत अफलाक को अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
वहीं, आजम खान के बड़े बेटे मोहम्मद अदीब आजम, जो अब तक ट्रस्ट के सामान्य सदस्य थे, उन्हें अब ट्रस्ट का नया सचिव बनाया गया है।
नई कार्यकारिणी में कौन-कौन शामिल?
ट्रस्ट में किए गए फेरबदल के तहत:
- मुश्ताक अहमद सिद्दीकी – उपाध्यक्ष
- नसीर अहमद खान (सपा विधायक) – संयुक्त सचिव
- जावेद उर रहमान खान – कोषाध्यक्ष
को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
30 से ज्यादा मुकदमों से घिरा है जौहर ट्रस्ट
बताया जा रहा है कि जौहर ट्रस्ट पर किसानों की जमीन कब्जाने समेत 30 से अधिक गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
इन मामलों की वजह से:
- ट्रस्ट की संपत्तियों पर प्रशासनिक कार्रवाई
- लीज रद्द करने की प्रक्रिया
- आर्थिक और प्रबंधन संबंधी अड़चनें
लगातार सामने आ रही थीं।
जेल में रहने से बढ़ीं मुश्किलें
सूत्रों के मुताबिक, आजम खान, डॉ. तंजीन फातिमा और अब्दुल्ला आजम के लंबे समय तक जेल में रहने के कारण:
- जौहर यूनिवर्सिटी
- रामपुर पब्लिक स्कूल
जैसे शैक्षणिक संस्थानों के संचालन में भारी दिक्कतें आ रही थीं।
कानूनी दस्तावेजों, फैसलों और प्रशासनिक प्रक्रिया में उनकी अनुपस्थिति बड़ी बाधा बन गई थी।
आजम खान की ‘रणनीतिक चाल’ मानी जा रही है यह फैसला
प्रशासन की ओर से ट्रस्ट की संपत्तियों और लीज को लेकर की जा रही सख्त कार्रवाई के बीच आजम खान ने खुद को ट्रस्ट से अलग कर एक नई रणनीति अपनाई है।
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक:
- यह कदम ट्रस्ट को कानूनी राहत दिलाने की कोशिश है
- परिवार की गैर-मौजूदगी में भी संस्थानों का काम चलता रहे
- प्रशासनिक और न्यायिक प्रक्रिया में बाधा न आए
इसी वजह से इस फैसले को आजम खान की बड़ी रणनीतिक चाल के रूप में देखा जा रहा है।
जौहर यूनिवर्सिटी के भविष्य पर नजरें
अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि:
- नई कार्यकारिणी ट्रस्ट को कैसे संभालती है
- कानूनी मामलों में राहत मिलती है या नहीं
- जौहर यूनिवर्सिटी और अन्य संस्थानों का भविष्य क्या होगा
फिलहाल, आजम खान परिवार ने औपचारिक रूप से पीछे हटकर संचालन की जिम्मेदारी नए हाथों में सौंप दी है।


