गोवा पोंडा उपचुनाव विवाद: कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, चुनाव रद्द करने पर उठे सवाल

गोवा की Ponda Assembly Constituency में उपचुनाव रद्द किए जाने के फैसले को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। अब कांग्रेस ने इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।
उपचुनाव क्यों रद्द हुआ?
यह उपचुनाव बीजेपी विधायक Ravi Naik के 15 अक्टूबर 2025 को निधन के बाद तय किया गया था। मतदान 9 अप्रैल को प्रस्तावित था, लेकिन इससे ठीक पहले चुनाव को रद्द कर दिया गया।
हाई कोर्ट का फैसला
बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा बेंच ने 8 अप्रैल को चुनाव आयोग की अधिसूचना रद्द कर दी थी। कोर्ट ने कहा कि Representation of the People Act, 1951 के अनुसार यदि विधानसभा का कार्यकाल एक वर्ष से कम बचा हो, तो उपचुनाव नहीं कराया जा सकता।
गोवा विधानसभा का कार्यकाल 14 मार्च 2027 को समाप्त होना है, इसलिए कोर्ट ने माना कि इतने कम कार्यकाल के लिए चुनाव कराना उचित नहीं होगा।
कांग्रेस का सुप्रीम कोर्ट में कदम
कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य गिरिश चोडणकर के अनुसार, पार्टी उम्मीदवार डॉ. केतन भाटिकर ने सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल लीव पिटीशन (SLP) दायर की है। इसमें हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई है।
कांग्रेस का आरोप है कि मतदान से ठीक पहले चुनाव रद्द करना लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है और इससे जनता के वोट देने के अधिकार पर असर पड़ा है।
कांग्रेस का आरोप और विवाद
कांग्रेस ने दावा किया है कि यह फैसला राजनीतिक दबाव में लिया गया और मतदाताओं के अधिकारों का हनन हुआ है। पार्टी का यह भी कहना है कि चुनाव प्रचार और तैयारियां पूरी हो चुकी थीं, ऐसे में अंतिम समय पर चुनाव रद्द करना सवाल खड़े करता है।
वहीं सत्ताधारी बीजेपी ने इस फैसले को चौंकाने वाला बताया है, जबकि चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
मामला सुप्रीम कोर्ट में
अब पूरा विवाद सुप्रीम कोर्ट में पहुंच चुका है, जहां आने वाले दिनों में इस पर सुनवाई होने की संभावना है। फैसला न केवल इस सीट बल्कि भविष्य के उपचुनाव नियमों पर भी असर डाल सकता है।



