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बिहार में सत्ता परिवर्तन की हलचल तेज: नीतीश के इस्तीफे की चर्चा, तेजस्वी यादव ने दिया बड़ा बयान

बिहार में नई सरकार के गठन को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। 14 अप्रैल को कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे की अटकलें लगाई जा रही हैं, जबकि 15 अप्रैल को नई सरकार के शपथ ग्रहण की संभावना भी जताई जा रही है। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम पर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

इसी बीच बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री पद को लेकर चर्चाएं भी तेज हो गई हैं।

‘जनता का मैंडेट नहीं’ — तेजस्वी यादव का बयान

इस मुद्दे पर राष्ट्रीय जनता दल के नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोमवार (13 अप्रैल, 2026) को बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि जो भी नया मुख्यमंत्री बनेगा, उसके पास जनता का जनादेश नहीं होगा।

तेजस्वी यादव ने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री कौन बनेगा, यह एनडीए को तय करना है और इस पर कई नाम चर्चा में हैं, लेकिन “लड्डू सबके मन में फूट रहे हैं।”

उन्होंने यह भी कहा कि जो भी नया मुख्यमंत्री बनेगा, वह “नई सरकार के फैसले दिल्ली या गुजरात से तय होंगे।”

बिहार की आर्थिक स्थिति पर हमला

तेजस्वी यादव ने मौजूदा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले 20 वर्षों में बिहार की आर्थिक स्थिति में सुधार नहीं हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योगों की स्थिति कमजोर हुई है।

उन्होंने कहा कि बिहार आज भी देश के सबसे पिछड़े राज्यों में शामिल है और यहां बड़े पैमाने पर रोजगार और औद्योगिक विकास की कमी है।

नीतीश कुमार और NDA पर निशाना

तेजस्वी यादव ने भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि जेडीयू के भीतर निर्णय लेने की क्षमता कमजोर हो गई है और कई फैसले बाहरी प्रभाव से लिए जा रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि अगर राजनीतिक स्थिति स्पष्ट होती है तो आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा।


बिहार की सियासत में बढ़ा सस्पेंस

नई सरकार के गठन को लेकर अब सभी की नजरें अगले कुछ दिनों पर टिकी हैं। मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही चर्चाओं और राजनीतिक बयानों ने राज्य की सियासत को और गर्मा दिया है।

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