उत्तराखंड

उत्तराखंड में मदरसों की जांच के आदेश, वायरल वीडियो पर शासन सख्त

देहरादून। उत्तराखंड शासन ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो को गंभीरता से लेते हुए राज्यभर में मदरसों की जांच के आदेश जारी किए हैं। वीडियो में बाहरी राज्यों के बच्चों को उत्तराखंड के मदरसों में लाए जाने का दावा किया गया है, जिसके बाद सरकार ने तत्काल सत्यापन और जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार के लिए बच्चों की सुरक्षा, पारदर्शिता और नियमों का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित व्यक्तियों और संस्थानों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

चार जिलों में वेरिफिकेशन ड्राइव के निर्देश

अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के विशेष सचिव ने देहरादून, हरिद्वार, उधम सिंह नगर और नैनीताल के जिलाधिकारियों को व्यापक वेरिफिकेशन ड्राइव चलाने के निर्देश दिए हैं। इसमें सभी मदरसों की गहन जांच करने को कहा गया है।

निर्देशों के अनुसार, जांच में बच्चों के आगमन का स्रोत, उनके अभिभावकों की सहमति और उन्हें राज्य में लाने वाले व्यक्तियों की पूरी जानकारी जुटाई जाएगी। शासन को विस्तृत रिपोर्ट जल्द भेजने के आदेश भी दिए गए हैं।

प्रदेश में 452 पंजीकृत मदरसे

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, उत्तराखंड में वर्तमान में 452 पंजीकृत मदरसे संचालित हैं। इनमें बड़ी संख्या में छात्र शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। सरकार का कहना है कि सभी संस्थानों की नियमों के अनुरूप कार्यप्रणाली सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को रोका जा सके।

मदरसा बोर्ड समाप्त करने की तैयारी

राज्य सरकार ने वर्ष 2025 में उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम लागू किया था। इसके तहत 1 जुलाई 2026 से मदरसा बोर्ड का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। इसके बाद सभी मदरसों को उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा बोर्ड से संबद्ध होना अनिवार्य होगा।

नई व्यवस्था के अनुसार, सभी संस्थानों को उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से मान्यता लेनी होगी। सरकार का दावा है कि इस कदम से शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और गुणवत्ता में सुधार होगा।

सरकार का उद्देश्य

राज्य सरकार का कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और मानकीकृत बनाना है, ताकि छात्रों के हितों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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