उत्तराखंड

हरिद्वार में हलाला के खिलाफ दर्ज हुआ पहला UCC केस, पीड़िता को सरकार और वक्फ बोर्ड का समर्थन

Uttarakhand के Haridwar जिले में समान नागरिक संहिता (UCC) के तहत हलाला प्रथा के खिलाफ देश का पहला मामला दर्ज होने का दावा सामने आया है। मामला Bugga Wala थाना क्षेत्र के ग्राम बंदरजूद से जुड़ा है, जहां 22 वर्षीय एक महिला की शिकायत पर पति समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

क्या है पूरा मामला?

पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उसके साथ हलाला जैसी प्रथा के तहत अन्याय हुआ। शिकायत के आधार पर पुलिस ने UCC के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है। इस कदम को राज्य में एक अहम कानूनी पहल के रूप में देखा जा रहा है।

पीड़िता को मिल रहा परिवार का साथ

इस पूरे मामले में पीड़िता के मायके पक्ष ने भी उसका पूरा समर्थन किया है। महिला अपनी कानूनी लड़ाई अकेले नहीं लड़ रही है और परिवार लगातार उसके साथ खड़ा है।

सरकार ने दिया सुरक्षा का आश्वासन

Khajan Das ने इस मामले में पीड़िता की हिम्मत की सराहना करते हुए प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं कि महिला और उसके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

हरिद्वार के एसएसपी को भी निर्देश दिए गए हैं कि पीड़िता और उसके भाई को पूरी सुरक्षा प्रदान की जाए ताकि किसी तरह का दबाव या खतरा न हो।

वक्फ बोर्ड ने उठाया कानूनी खर्च

Uttarakhand Waqf Board ने भी इस मामले में बड़ा कदम उठाते हुए पीड़िता की कानूनी लड़ाई का खर्च उठाने की घोषणा की है। बोर्ड का कहना है कि जरूरत पड़ने पर महिला के जीवन-यापन में भी सहायता दी जाएगी।

वक्फ बोर्ड अध्यक्ष Shadab Shams ने कहा कि यह महिला पूरे समाज के लिए एक मिसाल है और उसकी यह लड़ाई कई अन्य पीड़ित महिलाओं के लिए प्रेरणा बनेगी।

सामाजिक कुप्रथाओं पर उठी बहस

इस मामले के सामने आने के बाद हलाला, तीन तलाक और अन्य सामाजिक प्रथाओं को लेकर बहस तेज हो गई है। अधिकारियों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि धार्मिक आड़ में किसी भी तरह के अन्याय को स्वीकार नहीं किया जा सकता।

आगे क्या?

पुलिस मामले की जांच कर रही है और सभी आरोपों की कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच जारी है। प्रशासन का कहना है कि पीड़िता को न्याय दिलाना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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