प्रतीक यादव की मौत पर बढ़ा रहस्य: चोट के दावों से लेकर जांच की मांग तक सियासी हलचल तेज

Akhilesh Yadav के छोटे भाई प्रतीक यादव के निधन को लेकर अब कई तरह के सवाल और दावे सामने आ रहे हैं, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया है।
“शरीर पर चोट के निशान” का दावा
समाजवादी पार्टी के विधायक Ravidas Mehrotra ने दावा किया है कि लोगों के अनुसार प्रतीक यादव के शरीर पर चोट के निशान थे। उन्होंने कहा कि यह “सामान्य मौत नहीं लगती” और इसकी गहन जांच होनी चाहिए।
उन्होंने यहां तक आशंका जताई कि जहर दिए जाने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
उच्च स्तरीय जांच की मांग
रविदास मेहरोत्रा ने मांग की है कि मामले की जांच किसी उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए।
उन्होंने कहा कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही प्रतीक की मृत्यु हो चुकी थी, इसलिए पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
अस्पताल और पुलिस की ओर से चुप्पी
अब तक न तो अस्पताल प्रशासन और न ही पुलिस की ओर से इन दावों पर कोई आधिकारिक बयान दिया गया है, जिससे सस्पेंस और बढ़ गया है।
पोस्टमार्टम और शुरुआती जानकारी
सूत्रों के अनुसार:
- पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है
- टीम में King George’s Medical University के डॉक्टर शामिल थे
- विसरा जांच के लिए सुरक्षित रख लिया गया है
शुरुआती रिपोर्ट में क्या सामने आया?
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रतीक यादव अपने घर के किचन में बेहोश पाए गए थे। इसके बाद परिजनों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
आगे क्या?
शव को पोस्टमार्टम के बाद परिवार को सौंपे जाने की प्रक्रिया जारी है। अब सभी की नजरें विसरा रिपोर्ट और पुलिस जांच पर टिकी हैं, जिससे मौत के कारणों पर स्पष्टता मिल सकती है।




