West Bengal Election 2026: हार के बाद ममता बनर्जी का बड़ा बयान, बोलीं- ‘जो जाना चाहता है, चला जाए’

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में तृणमूल कांग्रेस (TMC) को बड़ी हार का सामना करना पड़ा है। आजादी के बाद पहली बार शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में बीजेपी ने राज्य में सरकार बनाई है। चुनावी हार के बाद शुक्रवार को मुख्यमंत्री रहीं ममता बनर्जी ने कालीघाट स्थित अपने आवास पर पार्टी नेताओं और उम्मीदवारों की अहम बैठक बुलाई।
बैठक में पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी भी मौजूद रहे। इस दौरान ममता बनर्जी ने नेताओं से पार्टी संगठन को फिर से मजबूत करने की अपील की।
“जो पार्टी छोड़ना चाहता है, उसे जाने दीजिए”
बैठक में ममता बनर्जी ने साफ कहा कि जो नेता पार्टी छोड़कर दूसरी पार्टियों में जाना चाहते हैं, वे ऐसा करने के लिए स्वतंत्र हैं।
उन्होंने कहा,
“जो लोग दूसरी पार्टियों में जा रहे हैं, उन्हें जाने दीजिए। मैं पार्टी को नए सिरे से खड़ा करूंगी। जो लोग पार्टी में बने रहेंगे, उनसे कहती हूं कि क्षतिग्रस्त पार्टी कार्यालयों का पुनर्निर्माण कीजिए, उन्हें रंगिए और फिर से खोलिए। जरूरत पड़ी तो मैं भी खुद रंग दूंगी। तृणमूल कांग्रेस कभी नहीं झुकेगी। जनादेश लूटा गया है।”
TMC को 80 सीटों पर मिली हार
294 सदस्यीय पश्चिम बंगाल विधानसभा में इस बार TMC केवल 80 सीटों तक सिमट गई। वहीं बीजेपी ने शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में बहुमत हासिल कर सरकार बना ली।
सबसे बड़ा झटका ममता बनर्जी को खुद लगा, जब वे अपनी पारंपरिक भवानीपुर सीट से शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ चुनाव हार गईं। इससे पहले 2021 में भी शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट पर ममता बनर्जी को हराया था।
अभिषेक बनर्जी भी बैठक में रहे मौजूद
बैठक में अभिषेक बनर्जी समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, यह बैठक मुख्य रूप से चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों का मनोबल बढ़ाने और संगठन को दोबारा सक्रिय करने के उद्देश्य से बुलाई गई थी।
TMC ने क्या कहा?
तृणमूल कांग्रेस ने बैठक के बाद सोशल मीडिया पर बयान जारी करते हुए कहा,
“आज हमारी अध्यक्ष ममता बनर्जी और राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कालीघाट में उम्मीदवारों से मुलाकात की। उन्होंने भारी दबाव, धमकियों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद साहस के साथ चुनाव लड़ा।”
बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव
पश्चिम बंगाल की राजनीति में यह चुनाव ऐतिहासिक माना जा रहा है। लंबे समय तक राज्य की सत्ता पर काबिज रही तृणमूल कांग्रेस अब विपक्ष की भूमिका में नजर आएगी, जबकि बीजेपी पहली बार राज्य में पूर्ण बहुमत के साथ सरकार चला रही है।




