यूपी में गर्मी का कहर: 48 डिग्री पार पहुंचा तापमान, सड़कें सूनी, प्रशासन अलर्ट

बांदा इस समय भीषण गर्मी और हीटवेव की चपेट में है। जिले का तापमान 48 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। मंगलवार को भी बांदा देश का सबसे गर्म शहर रिकॉर्ड किया गया था।
लगातार बढ़ती गर्मी और आसमान से बरसती आग के चलते लोग दिन में घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है और बेहद जरूरी काम होने पर ही लोग सिर ढककर बाहर निकल रहे हैं।
पूरे बुंदेलखंड में गर्मी का प्रकोप
बुंदेलखंड के कई जिलों में पिछले कई दिनों से तापमान 47 से 48 डिग्री के बीच बना हुआ है। बांदा में तापमान और बढ़ने के बाद हालात और गंभीर हो गए हैं।
गर्मी का असर बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर साफ दिखाई दे रहा है। दोपहर के समय सड़कें लगभग खाली नजर आ रही हैं और लोग तेज धूप से बचने के लिए घरों में ही रह रहे हैं।
अस्पतालों में बढ़े डायरिया और उल्टी-दस्त के मरीज
अत्यधिक गर्मी का असर स्वास्थ्य सेवाओं पर भी दिखने लगा है। जिला अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में डायरिया, उल्टी-दस्त और हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
डॉक्टरों के मुताबिक बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को अधिक से अधिक पानी, छाछ, जूस और अन्य तरल पदार्थ लेने की सलाह दी है। साथ ही धूप में निकलते समय पूरे शरीर को ढकने और सिर पर कपड़ा रखने की अपील की गई है।
पेड़ों की कटाई को माना जा रहा वजह
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में बढ़ती गर्मी का एक बड़ा कारण अंधाधुंध पेड़ों की कटाई और पर्याप्त वृक्षारोपण का न होना है। लोगों ने प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन पर चिंता जताते हुए पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की है।
प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
कुमार धर्मेन्द्र ने बताया कि लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है और प्रतिदिन हीटवेव को लेकर एडवाइजरी जारी की जा रही है।
प्रशासन ने सभी सरकारी भवनों को कूलिंग प्वाइंट में बदल दिया है। इसके अलावा सीएचसी और पीएचसी समेत अस्पतालों में भी कूलिंग सेंटर बनाए गए हैं।
लोगों को दी गई ये सलाह
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि:
- दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक घर से बाहर न निकलें
- बाहर निकलते समय सिर ढककर रखें
- पानी की बोतल साथ रखें
- हीट स्ट्रोक के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
इसके साथ ही प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर ठंडे पानी और कूलर की व्यवस्था भी कराई जा रही है।




