यूपी पंचायत चुनाव से पहले बड़ा कदम: योगी सरकार ने गठित किया पिछड़ा वर्ग आयोग

उत्तर प्रदेश में आगामी पंचायत चुनावों से पहले आरक्षण व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने स्थानीय निकायों में OBC आरक्षण की समीक्षा के लिए एक समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया है।
आयोग का गठन और संरचना
इस पांच सदस्यीय आयोग की अध्यक्षता इलाहाबाद हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश राम औतार सिंह करेंगे।
आयोग में शामिल सदस्य:
- दो सेवानिवृत्त अतिरिक्त जिला जज
- दो सेवानिवृत्त IAS अधिकारी
सदस्यों में बृजेश कुमार, संतोष विश्वकर्मा, अरविंद चौरसिया और एस.पी. सिंह शामिल हैं।
आयोग का काम क्या होगा?
यह आयोग पंचायत स्तर पर अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के आरक्षण की स्थिति का अध्ययन करेगा और उसकी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा। इसका मुख्य उद्देश्य है:
- पंचायत चुनावों में OBC आरक्षण की समीक्षा
- सामाजिक और प्रशासनिक प्रभावों का आकलन
- सरकार को नई रिपोर्ट देना
रिपोर्ट देने की समयसीमा छह महीने तय की गई है।
चुनाव से पहले राजनीतिक महत्व
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पंचायत चुनाव नजदीक हैं और इसे राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है। विपक्षी दल इसे आरक्षण और सामाजिक समीकरणों से जोड़कर देख रहे हैं।
कार्यकाल बढ़ाने पर भी चर्चा
ओम प्रकाश राजभर के अनुसार, सरकार को एक प्रस्ताव भेजा गया है जिसमें ग्राम प्रधानों और ब्लॉक प्रमुखों का कार्यकाल बढ़ाने की बात कही गई है।
उन्होंने बताया कि ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त हो रहा है और प्रशासनिक व्यवस्था के तहत अस्थायी प्रबंधन पर भी विचार किया जा रहा है।
पंचायत चुनाव कब होंगे?
मौजूदा संकेतों के अनुसार:
- पंचायत चुनावों को फिलहाल टालने की संभावना
- संभव है कि ये चुनाव विधानसभा चुनाव के बाद कराए जाएं




