मार्केट कैप में ताइवान ने भारत को छोड़ा पीछे, दुनिया के टॉप-5 शेयर बाजारों में बनाई जगह

दुनिया के शेयर बाजारों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। एशियाई इक्विटी मार्केट के इतिहास में पहली बार ताइवान ने बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) के मामले में भारत को पीछे छोड़ दिया है।
ताजा आंकड़ों के अनुसार ताइवान का कुल मार्केट कैप करीब 4.95 ट्रिलियन डॉलर पहुंच गया है, जबकि भारत का मार्केट कैप 4.92 ट्रिलियन डॉलर रह गया है। इस बदलाव के बाद भारत अब दुनिया के सबसे बड़े शेयर बाजारों की सूची में छठे स्थान पर खिसक गया है, जबकि ताइवान टॉप-5 में शामिल हो गया है।
AI बूम ने बदला पूरा खेल
ताइवान की इस बड़ी छलांग के पीछे सबसे बड़ा कारण दुनियाभर में तेजी से बढ़ता आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेक्टर माना जा रहा है।
विशेषज्ञों के मुताबिक AI टेक्नोलॉजी के लिए जरूरी चिप्स बनाने वाली कंपनियों की मांग तेजी से बढ़ी है, जिसका सीधा फायदा ताइवान को मिला है।
TSMC बनी ताइवान की सबसे बड़ी ताकत
ताइवान की सफलता के केंद्र में Taiwan Semiconductor Manufacturing Company (TSMC) है।
यह कंपनी दुनिया की सबसे बड़ी सेमीकंडक्टर निर्माता कंपनियों में शामिल है और AI चिप्स के उत्पादन में इसकी अहम भूमिका है।
बताया जा रहा है कि ताइवान के प्रमुख शेयर इंडेक्स में अकेले TSMC की हिस्सेदारी 42 प्रतिशत से अधिक हो गई है।
AI सेक्टर में बढ़ती मांग के चलते इस साल कंपनी के शेयरों में करीब 49 प्रतिशत का उछाल आया है।
क्यों पिछड़ा भारतीय शेयर बाजार?
सितंबर 2024 के बाद से भारतीय शेयर बाजार का प्रदर्शन कमजोर रहा है।
BSE Sensex और NIFTY 50 जैसे प्रमुख इंडेक्स में करीब 5 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई है।
इसके पीछे कई बड़े कारण बताए जा रहे हैं:
- विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली
- वैश्विक व्यापारिक तनाव
- कंपनियों के कमजोर तिमाही नतीजे
- कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें
- AI सेक्टर की बड़ी कंपनियों की कमी
तेल की कीमतों ने बढ़ाई चिंता
ईरान-इजरायल तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी ने भारतीय बाजार पर अतिरिक्त दबाव डाला है।
भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ने और आर्थिक दबाव बढ़ने की आशंका से निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।
दुनिया के सबसे बड़े शेयर बाजार
फिलहाल United States दुनिया का सबसे बड़ा शेयर बाजार बना हुआ है।
दुनिया के प्रमुख शेयर बाजारों की मौजूदा स्थिति इस प्रकार है:
- United States – 77.96 ट्रिलियन डॉलर
- China – 15.57 ट्रिलियन डॉलर
- Japan – 8.67 ट्रिलियन डॉलर
- Hong Kong – 7.26 ट्रिलियन डॉलर
- Taiwan – 4.95 ट्रिलियन डॉलर
- India – 4.92 ट्रिलियन डॉलर
क्या भारत फिर बना सकता है बढ़त?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर भारतीय बाजार में विदेशी निवेश दोबारा बढ़ता है, कंपनियों के नतीजे बेहतर आते हैं और टेक्नोलॉजी सेक्टर में तेजी आती है, तो भारत फिर से टॉप-5 में वापसी कर सकता है।
हालांकि फिलहाल AI आधारित टेक कंपनियों की वैश्विक रैली का सबसे ज्यादा फायदा ताइवान जैसे चिप मैन्युफैक्चरिंग देशों को मिल रहा है।




