सेहत
कम उम्र में बढ़ रहा गॉल ब्लैडर स्टोन का खतरा: कारण, लक्षण और बचाव के उपाय

आजकल कम उम्र (20 से 40 साल) के लोगों में गॉल ब्लैडर स्टोन यानी पित्त की थैली में पथरी की समस्या तेजी से बढ़ रही है। एनआईएच जैसी रिसर्च में भी यह सामने आया है कि यह समस्या अब सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं रही।
गॉल ब्लैडर स्टोन कितना आम है?
विशेषज्ञों के अनुसार, सामान्य आबादी में करीब 7% लोगों को गॉल स्टोन की समस्या होती है। इस बारे में Dr. Piyush Ranjan बताते हैं कि यह एक आम लेकिन दर्दनाक स्वास्थ्य समस्या बनती जा रही है।
गॉल ब्लैडर स्टोन क्यों होता है?
गॉल ब्लैडर में पथरी बनने के मुख्य कारण पित्त (bile) में कोलेस्ट्रॉल या बिलीरुबिन का असंतुलन होता है।
इसके प्रमुख कारण:
- कम पानी पीना और डिहाइड्रेशन
- फास्ट फूड और ऑयली डाइट
- तेजी से वजन घटाना (क्रैश डाइटिंग)
- लंबे समय तक भूखे रहना
- जेनेटिक कारण
- मेटाबॉलिक असंतुलन
स्टोन के प्रकार
डॉक्टरों के अनुसार गॉल स्टोन मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं:
1. कोलेस्ट्रॉल स्टोन
- शरीर में कोलेस्ट्रॉल असंतुलन से बनता है
- आमतौर पर मेटाबॉलिक कारणों से जुड़ा होता है
2. पिगमेंट स्टोन
- ब्लड ब्रेकडाउन (हेमोलाइसिस) की प्रक्रिया से बनता है
- युवा उम्र में ज्यादा पाया जाता है
- छोटे और काले रंग के होते हैं
लक्षण क्या होते हैं?
- पेट के दाईं ओर या बीच में तेज दर्द
- कभी-कभी उल्टी और मतली
- खाने के बाद दर्द बढ़ना
- गंभीर मामलों में बुखार भी
बचाव के तरीके
गॉल ब्लैडर स्टोन से पूरी तरह बचाव संभव नहीं है, लेकिन जोखिम कम किया जा सकता है:
सही आदतें अपनाएं:
- पर्याप्त पानी पिएं
- संतुलित और फाइबर युक्त आहार लें (फल, सब्जियां, दालें, ओट्स)
- जंक और ऑयली फूड कम करें
- समय पर भोजन करें, ब्रेकफास्ट न छोड़ें
- तेजी से वजन घटाने से बचें




