भारत में तेजी से बढ़ रहा मोटापा और डायबिटीज का खतरा, हर तीन में से एक महिला ओवरवेट

नई दिल्ली: भारत में मोटापा और डायबिटीज तेजी से एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बनते जा रहे हैं। हाल ही में जारी राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 (NFHS-6) की रिपोर्ट ने इस चिंता को और बढ़ा दिया है। सर्वे के अनुसार, वर्ष 2019 के बाद से देश में मोटापे और हाई ब्लड शुगर के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि बदलती जीवनशैली, असंतुलित खानपान और शारीरिक गतिविधियों में कमी इसके प्रमुख कारण हैं।
हर तीन में से एक महिला ओवरवेट या मोटापे की शिकार
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी NFHS-6 रिपोर्ट के मुताबिक, 15 से 49 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं में मोटापे और अधिक वजन की समस्या तेजी से बढ़ी है। वर्ष 2019-21 में जहां 24 प्रतिशत महिलाएं ओवरवेट या मोटापे की शिकार थीं, वहीं 2023-24 में यह आंकड़ा बढ़कर 30.7 प्रतिशत हो गया है।
इसका मतलब है कि देश में लगभग हर तीन में से एक महिला अब अधिक वजन या मोटापे की समस्या से जूझ रही है। पुरुषों में भी मोटापे के मामलों में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन महिलाओं के मुकाबले यह वृद्धि कम रही है। सर्वे के अनुसार पुरुषों में मोटापे की दर 4.4 प्रतिशत बढ़ी, जबकि महिलाओं में 6.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
6.79 लाख परिवारों पर हुआ सर्वे
यह सर्वे वर्ष 2023-24 के दौरान स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से कराया गया, जिसमें मुंबई स्थित इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर पॉपुलेशन साइंसेज (IIPS) को नोडल एजेंसी बनाया गया था। मणिपुर को छोड़कर देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 715 जिलों में करीब 6.79 लाख परिवारों को इस सर्वे में शामिल किया गया।
शहरों में ज्यादा बढ़ रही मोटापे की समस्या
रिपोर्ट के अनुसार शहरी क्षेत्रों में मोटापा ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में कहीं अधिक तेजी से बढ़ रहा है। शहरी इलाकों में 42.8 प्रतिशत महिलाएं ओवरवेट या मोटापे की शिकार हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह आंकड़ा 25.5 प्रतिशत है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक बैठकर काम करना, फास्ट फूड और प्रोसेस्ड फूड का बढ़ता सेवन, तनाव और नियमित व्यायाम की कमी इस समस्या को बढ़ा रहे हैं।
डायबिटीज का खतरा भी बढ़ा
सर्वे में डायबिटीज को लेकर भी चिंताजनक आंकड़े सामने आए हैं। 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के पुरुषों में हाई या बहुत ज्यादा ब्लड शुगर (140 mg/dl से अधिक) और उसे नियंत्रित करने के लिए दवा लेने वालों का प्रतिशत 2019-21 के 15.6 प्रतिशत से बढ़कर 2023-24 में 20.9 प्रतिशत हो गया है।
हालांकि महिलाओं में भी हाई ब्लड शुगर के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, लेकिन अभी यह प्रतिशत पुरुषों की तुलना में कम है। विशेषज्ञों के अनुसार शहरी महिलाओं में भी डायबिटीज का खतरा तेजी से बढ़ रहा है।
कैसे करें बचाव?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक मोटापा और डायबिटीज जैसी बीमारियों से बचने के लिए कुछ जरूरी बदलाव अपनाना बेहद जरूरी है:
- रोजाना कम से कम 30 से 45 मिनट व्यायाम करें।
- जंक फूड, मीठे पेय पदार्थ और प्रोसेस्ड फूड का सेवन कम करें।
- संतुलित और पौष्टिक आहार लें।
- पर्याप्त नींद और तनाव नियंत्रण पर ध्यान दें।
- समय-समय पर ब्लड शुगर और वजन की जांच कराते रहें।
विशेषज्ञों की चेतावनी
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मोटापा और डायबिटीज की बढ़ती समस्या पर समय रहते नियंत्रण नहीं किया गया तो आने वाले वर्षों में हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर और अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा और बढ़ सकता है। इसलिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाना अब विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता बन गया है।




