UP TGT Exam 2026: लखनऊ में बायोमैट्रिक जांच में पकड़े गए 4 फर्जी परीक्षार्थी, सॉल्वर गैंग पर शिकंजा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश टीजीटी परीक्षा के दूसरे दिन लखनऊ में बायोमैट्रिक सत्यापन के दौरान चार फर्जी परीक्षार्थियों को पकड़ा गया है। ये सभी असली अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने पहुंचे थे। बायोमैट्रिक जांच में पहचान उजागर होने के बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, एक फर्जी परीक्षार्थी चारबाग क्षेत्र के परीक्षा केंद्र से पकड़ा गया, जबकि अन्य तीन को आर्यनगर, बादशाहनगर और अमीनाबाद स्थित परीक्षा केंद्रों से गिरफ्तार किया गया। जांच के दौरान फिंगरप्रिंट, फेस आईडी और आधार डिटेल्स में मिसमैच पाया गया, जिसके बाद तत्काल कार्रवाई की गई।
अलग-अलग जिलों से आए थे आरोपी
गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी जौनपुर, आजमगढ़, प्रयागराज और अंबेडकर नगर के रहने वाले बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि ये असली उम्मीदवारों की जगह परीक्षा देने आए थे। पुलिस को आशंका है कि इसके पीछे कोई संगठित सॉल्वर गैंग या नकल माफिया सक्रिय है।
कई थानों में दर्ज हुई एफआईआर
पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ हुसैनगंज, महानगर, नाका हिंडोला और अमीनाबाद थानों में अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए हैं। लखनऊ पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है और अन्य संदिग्धों की तलाश भी की जा रही है।
परीक्षा की शुचिता पर फिर उठे सवाल
बायोमैट्रिक सत्यापन और आधुनिक तकनीक की वजह से फर्जी अभ्यर्थियों को पकड़ लिया गया, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं में सेंध लगाने की कोशिशों को उजागर कर दिया है। इससे पहले भी कई भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं में सॉल्वर गैंग के सदस्य गिरफ्तार हो चुके हैं, बावजूद इसके नकल माफियाओं की गतिविधियां थमती नजर नहीं आ रही हैं।
प्रशासन का कहना है कि टीजीटी परीक्षा शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से आयोजित की जा रही है। परीक्षा की शुचिता से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।




