उत्तर प्रदेश

Digvijaya Singh पर संतों का हमला: RSS-VHP को लेकर दिए बयान की निंदा, बोले- अयोध्या में दिखाएंगे काले झंडे

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के उस बयान पर संतों और धर्मगुरुओं ने तीखी निंदा जताई है, जिसमें उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद यानी विहिप पर हिंदुत्व की बयानबाजी से राष्ट्रीय बहस को हाईजैक करने का आरोप लगाया था। महंत सीताराम दास जी महाराज ने कांग्रेस के इस वरिष्ठ नेता को जमकर लताड़ लगाई और उनके बयान को बेहद निंदनीय और निराधार बताया। एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर हमला बोला और कहा कि यह पार्टी हमेशा राम जन्मभूमि मंदिर के खिलाफ खड़ी रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने मंदिर निर्माण रोकने के लिए जमकर हंगामा किया था।

महंत सीताराम दास ने कहा कि यह बयान बेहद निंदनीय और निराधार है। इतने वरिष्ठ नेताओं का ऐसी गलती करना सही नहीं है, यह शोभा नहीं देता। ये लोग हमेशा सनातन संस्कृति पर चोट करने की कोशिश करते हैं। इन्हीं के नेताओं ने राम जन्मभूमि मंदिर का न्योता ठुकराया था और राम जन्मभूमि मंदिर बनने से रोकने के लिए हंगामा किया था। उन्होंने 28 वकील विरोध में खड़े कर दिए थे। उन्होंने कहा कि इन्हें अयोध्या में जमकर विरोध झेलना पड़ेगा और काले झंडे दिखाए जाएंगे। इन्हें अयोध्या में पूजा करने तक नहीं दिया जाएगा। वहीं महामंडलेश्वर विष्णु दास जी महाराज ने कांग्रेस पार्टी पर औपनिवेशिक मानसिकता में फंसे होने का आरोप लगाया और कहा कि पार्टी भगवा कपड़े पहनने वाले संतों को निशाना बनाती है।

महामंडलेश्वर विष्णु दास ने कहा कि दिग्विजय सिंह समेत कई कांग्रेस नेता अपनी अक्ल खो बैठे हैं। औपनिवेशिक मानसिकता में फंसी यह पार्टी हमेशा राम भक्तों, संतों, सनातनियों और भगवा पहनने वालों को आतंकवादी बताने की कोशिश करती रही है, जिसमें दिग्विजय सिंह की बड़ी भूमिका रही है। दिग्विजय सिंह की ओर से उज्जैन से अयोध्या तक पैदल यात्रा यानी सनातन स्वाभिमान यात्रा की घोषणा पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि आने वाले सभी चुनावों में इनका असर पूरी तरह खत्म हो जाएगा। जिस सनातन स्वाभिमान यात्रा की बात दिग्विजय सिंह कर रहे हैं, उसका हिंदू समाज मुंहतोड़ जवाब देगा। इससे पहले दिग्विजय सिंह ने दावा किया था कि हिंदुत्व की लगातार चल रही बयानबाजी ने राष्ट्रीय बहस को हाईजैक कर लिया है, जिससे हिंदुओं और दूसरे धर्मों के बीच दरार पैदा हो रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि विहिप के जरिए मिलने वाला चढ़ावा सीधे भारतीय जनता पार्टी के चुनावी फंड में जाता है। उन्होंने कहा था कि आज किसी धार्मिक ग्रंथ में हिंदू शब्द नहीं मिलता और विहिप सनातन धर्म को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रही है।

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