योगी के बयान से नाराज़ सपा का वॉकआउट, अखिलेश का X पर पलटवार

लखनऊ:उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र का दूसरा दिन भी भारी हंगामे के बीच बीता। एक ओर योगी सरकार ने सदन में वित्तीय वर्ष 2025-26 का अनुपूरक बजट पेश किया, वहीं दूसरी ओर विपक्ष, खासकर समाजवादी पार्टी (SP) के विधायक लगातार कफ सिरप मामले को लेकर सरकार को घेरते रहे।
कफ सिरप मामले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जवाब के दौरान दिया गया एक बयान इतना विवादास्पद साबित हुआ कि सपा विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। इसके बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर तीखा पलटवार किया।
योगी के ‘दो नमूने’ वाले बयान से भड़की सपा
सदन में जवाब देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली और यूपी के नेताओं की तुलना करते हुए कहा,
“देश में दो ‘नमूने’ हैं, जिनमें से एक यहां बैठते हैं।”
इस टिप्पणी को सपा ने सीधे तौर पर अपने नेताओं पर तंज माना। बयान के तुरंत बाद समाजवादी पार्टी के विधायक नाराज़ हो गए और सदन से वॉकआउट कर दिया।
अखिलेश यादव का X पर पलटवार
सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने सीएम योगी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए X पर लिखा,
“आत्म-स्वीकृति! किसी को उम्मीद नहीं थी कि दिल्ली-लखनऊ की लड़ाई यहां तक पहुंच जाएगी।
संवैधानिक पदों पर बैठे लोग आपस में कुछ तो लोक-लाज रखें और मर्यादा की सीमा न लांघें।
भाजपाई अपनी पार्टी के अंदर की खींचातानी को चौराहे पर न लाएं।
कहीं कोई बुरा मान गया तो वापस जाना पड़ेगा।”
अखिलेश का तंज किस ओर?
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, अखिलेश यादव ने इस पोस्ट के जरिए
- केंद्र और यूपी सरकार के रिश्तों
- और बीजेपी के अंदरूनी मतभेदों
पर तंज कसा है।
“भाजपाई अपनी पार्टी के अंदर की खींचातानी को चौराहे पर न लाएं” जैसे शब्दों से अखिलेश यह संकेत देने की कोशिश कर रहे हैं कि बीजेपी के भीतर सब कुछ ठीक नहीं है।
वहीं “कहीं कोई बुरा मान गया तो वापस जाना पड़ेगा” जैसी पंक्ति को सीएम योगी पर उनके पुराने कटाक्ष—“मठ में जाना होगा”—से जोड़कर देखा जा रहा है।


