डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम 40 दिन की पैरोल पर जेल से बाहर

रोहतक: अपनी दो शिष्याओं से रेप के मामले में सजायाफ्ता डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह सोमवार (05 जनवरी 2026) को हरियाणा की रोहतक स्थित सुनारिया जेल से 40 दिन की पैरोल पर बाहर आ गया। वर्ष 2017 में उसे इस मामले में 20 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी। दोषी ठहराए जाने के बाद यह राम रहीम की 15वीं पैरोल है।
सिरसा डेरा मुख्यालय में रहेगा राम रहीम
डेरा सच्चा सौदा के प्रवक्ता और वकील जितेंद्र खुराना ने बताया कि पैरोल की अवधि के दौरान गुरमीत राम रहीम सिरसा स्थित डेरा मुख्यालय में ही रहेगा। सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।
पत्रकार हत्याकांड में भी दोषी
रेप केस के अलावा राम रहीम और तीन अन्य लोगों को एक पत्रकार की हत्या के मामले में 2019 में दोषी ठहराया गया था। इससे पहले वह अगस्त 2025 में भी 40 दिन की पैरोल पर जेल से बाहर आया था।
कब-कब मिली राम रहीम को पैरोल और फरलो
- अप्रैल 2025: 21 दिन की फरलो
- जनवरी 2025: दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले 30 दिन की पैरोल
- अक्टूबर 2024: हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले 20 दिन की पैरोल
- अगस्त 2024: 21 दिन की फरलो
- फरवरी 2022: पंजाब विधानसभा चुनाव से ठीक पहले 3 हफ्ते की फरलो
लगातार चुनावी दौर में मिली इन रिहाइयों को लेकर विपक्ष और सामाजिक संगठनों की ओर से सवाल उठते रहे हैं।
सिख संगठनों ने जताया विरोध
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (SGPC) समेत कई सिख संगठनों ने राम रहीम को बार-बार राहत दिए जाने की कड़ी आलोचना की है। उनका आरोप है कि इससे न्याय प्रक्रिया पर सवाल खड़े होते हैं।
रणजीत सिंह हत्याकांड में मिली राहत
मई 2024 में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने 2002 में हुए रणजीत सिंह हत्याकांड में जांच को “दोषयुक्त और कमजोर” बताते हुए राम रहीम और चार अन्य को बरी कर दिया था। इससे पहले सीबीआई की विशेष अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
डेरा का राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव
डेरा सच्चा सौदा के हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और अन्य राज्यों में लाखों अनुयायी हैं। हरियाणा के सिरसा, फतेहाबाद, कुरुक्षेत्र, कैथल और हिसार जैसे जिलों में डेरा समर्थकों की संख्या काफी अधिक मानी जाती है। यही वजह है कि हर बार पैरोल मिलने पर मामला राजनीतिक रूप से भी चर्चा में आ जाता है।


