पांच दिन बाद पुलिस ने रूबी को परिजनों के सुपुर्द किया, कड़ी सुरक्षा में घर भेजा गया

मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव में दलित महिला की हत्या और उसकी बेटी के अपहरण के मामले में पुलिस ने पीड़िता रूबी को पांच दिन बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। मेडिकल कॉलेज परिसर स्थित आशा ज्योति केंद्र से कड़ी सुरक्षा के बीच रूबी को परिवार के साथ घर भेजा गया। इस दौरान पीड़िता और उसके परिजनों ने मीडिया से कोई बातचीत नहीं की। कड़ी सुरक्षा में परिजनों को सौंपी गई रूबी सोमवार को पुलिस की मौजूदगी में करीब दो घंटे तक कागजी कार्रवाई चली। इसके बाद रूबी को उसके पिता, भाई और परिवार के अन्य सदस्यों को सौंप दिया गया। मौके पर तीन सर्किल के सीओ समेत कई थानों की पुलिस फोर्स तैनात रही। रूबी मुंह पर शॉल लपेटे पुलिस सुरक्षा में आशा ज्योति केंद्र से बाहर निकली। घर जाने की जताई थी इच्छा पुलिस द्वारा बरामदगी के बाद कोर्ट में रूबी के बयान को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही थीं, लेकिन सोमवार को स्थिति साफ हो गई। रूबी ने अपने घर जाने की इच्छा जताई थी। इसके बाद पुलिस अधिकारी उसके पिता सतेंद्र कुमार, भाई नरसिंह और परिवार के अन्य सदस्यों को लेकर आशा ज्योति केंद्र पहुंचे। मीडिया से बनाए रखी दूरी आशा ज्योति केंद्र से बाहर मौजूद मीडियाकर्मियों ने रूबी से सवाल करने की कोशिश की, लेकिन उसने चुप्पी बनाए रखी। इसके बाद परिजन निजी वाहन से उसे सीधे घर ले गए। जानकारी के मुताबिक, आशा ज्योति केंद्र में दो दिन तक रूबी की काउंसलिंग भी की गई थी। 8 जनवरी को हुई थी घटना गौरतलब है कि 8 जनवरी को कपसाड़ गांव में रूबी की मां सुनीता की हत्या कर आरोपी युवक पारस सोम ने रूबी का अपहरण कर लिया था। पुलिस ने एक दिन पहले हरिद्वार के पास से पारस सोम को गिरफ्तार कर रूबी को उसके कब्जे से बरामद किया था। कोर्ट में बयान दर्ज होने के बाद रविवार को रूबी को आशा ज्योति केंद्र भेजा गया था। हेडिंग दो



