लखनऊ धर्मांतरण केस में बड़ा खुलासा, आरोपी डॉ रमीज का दिल्ली ब्लास्ट आरोपी डॉ परवेज अंसारी से कनेक्शन

लखनऊ। लखनऊ में सामने आए जबरन धर्मांतरण मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। इस मामले के मुख्य आरोपी डॉ रमीज का कनेक्शन अब दिल्ली ब्लास्ट के आरोपी डॉ परवेज अंसारी से सामने आया है। इस जानकारी के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, डॉ रमीज और डॉ परवेज न सिर्फ एक-दूसरे को जानते थे, बल्कि एक ही समय पर आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में मौजूद भी रहे थे।
एक ही कॉलेज में साथ रहे दोनों आरोपी
एजेंसियों के अनुसार, जिस वर्ष डॉ रमीज ने एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा से एमबीबीएस में प्रवेश लिया था, उसी वर्ष डॉ परवेज अंसारी ने उसी कॉलेज में एमडी कोर्स में दाखिला लिया था।
इस दौरान दोनों की मुलाकात और संपर्क होने की पुष्टि जांच में सामने आई है।
‘इस्लामिक मेडिकोज’ व्हाट्सऐप ग्रुप का खुलासा
जांच में यह भी आरोप सामने आए हैं कि डॉ रमीज ने डॉ परवेज अंसारी के साथ मिलकर ‘इस्लामिक मेडिकोज’ नाम से एक व्हाट्सऐप ग्रुप बनाया था।
आरोप है कि इस ग्रुप के जरिए:
- मुस्लिम छात्रों को संगठित किया जाता था
- टॉपर छात्राओं को निशाना बनाकर उन्हें फंसाने और धर्मांतरण की साजिश रची जाती थी
KGMC तक फैला नेटवर्क
जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह नेटवर्क केवल आगरा तक सीमित नहीं रहा।
‘इस्लामिक मेडिकोज’ ग्रुप का विस्तार लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) तक किया गया।
यहां भी सभी मुस्लिम छात्रों को जोड़कर:
- एक मंच पर लाने
- ब्रेनवॉश और संदिग्ध गतिविधियों को अंजाम देने का आरोप है
STF की एसएन मेडिकल कॉलेज में जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए STF (स्पेशल टास्क फोर्स) की टीम आगरा स्थित एसएन मेडिकल कॉलेज पहुंची।
STF ने कॉलेज प्रशासन से:
- 2012 से अब तक के 13 वर्षों के
- सभी जूनियर और सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों का पूरा रिकॉर्ड तलब किया है
क्योंकि डॉ रमीज और डॉ परवेज दोनों की पढ़ाई इसी कॉलेज से जुड़ी रही है, इसलिए यह जांच बेहद अहम मानी जा रही है।
कॉलेज प्रशासन से मांगा गया विस्तृत रिकॉर्ड
STF की स्थानीय यूनिट के इंस्पेक्टर यतींद्र शर्मा और हेड कॉन्स्टेबल अंकित गुप्ता कॉलेज पहुंचे।
उन्होंने कॉलेज के प्राचार्य डॉ प्रशांत गुप्ता से सभी जरूरी दस्तावेज और रिकॉर्ड उपलब्ध कराने को कहा है।
STF अधिकारियों के मुताबिक, रिकॉर्ड मिलने के बाद:
- डॉ रमीज की पूरी प्रोफाइल तैयार की जाएगी
- कॉलेज स्तर पर उसकी गतिविधियों और संपर्कों की गहराई से जांच होगी
जांच एजेंसियों की नजर
सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां अब:
- मेडिकल कॉलेजों में बने ऐसे ग्रुप्स
- छात्रों के नेटवर्क
- और फंडिंग या बाहरी संपर्कों
पर भी नजर बनाए हुए हैं।




