सेहत
गर्मी से बचाव: आयुर्वेदिक तरीकों से रखें खुद को स्वस्थ, हीटवेव में मिल सकती है राहत

अप्रैल का महीना चल रहा है और बारिश के कारण मौसम थोड़ा ठंडा है, लेकिन आने वाले दिनों में भीषण गर्मी और हीटवेव का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में शरीर को स्वस्थ और सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है।
आयुर्वेद के अनुसार शरीर का संतुलन जरूरी
आयुर्वेद में बताया गया है कि शरीर के तीनों दोष — वात, कफ और पित्त — का संतुलन बनाए रखना जरूरी होता है। गर्मी के मौसम में खासतौर पर पित्त दोष बढ़ जाता है, जिससे पेट से जुड़ी समस्याएं जैसे एसिडिटी, अपच, उल्टी और गैस की परेशानी हो सकती है।
गर्मी से बचने के 3 आसान उपाय
1. शरीर को हाइड्रेट रखें
विशेषज्ञों के अनुसार दिन की शुरुआत हाइड्रेशन से करनी चाहिए।
- सुबह खाली पेट गुनगुना पानी पिएं
- उसमें नींबू और हल्दी मिलाई जा सकती है
- नारियल पानी भी एक अच्छा विकल्प है
हालांकि, जिन लोगों को एसिडिटी की समस्या है उन्हें खाली पेट नारियल पानी से बचना चाहिए।
2. हल्का और सादा भोजन करें
गर्मी में हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन करना चाहिए।
- मौसमी फल और सब्जियां खाएं
- ज्यादा मसालेदार और तला-भुना भोजन न करें
- मूंग दाल जैसी हल्की दाल का सेवन फायदेमंद माना जाता है
ऐसा भोजन शरीर में गर्मी और एसिडिटी की समस्या को बढ़ने से रोकता है।
3. ब्रीदिंग एक्सरसाइज करें
रोजाना प्राणायाम करने से शरीर और मन दोनों स्वस्थ रहते हैं।
- शीतली और शीतकारी प्राणायाम शरीर को ठंडक देते हैं
- अनुलोम-विलोम से शरीर में संतुलन बना रहता है
- 10 मिनट की नियमित प्रैक्टिस काफी फायदेमंद होती है
- बालासन जैसी योग मुद्रा भी उपयोगी है



