उत्तर प्रदेश

अखिलेश यादव और निशिकांत दुबे के बीच तीखी नोकझोंक, जातीय जनगणना पर टकराव

नई दिल्ली। लोकसभा में महिला आरक्षण और अन्य विधेयकों पर चर्चा के दौरान उस वक्त माहौल गरमा गया जब कांग्रेस नेता Rahul Gandhi के संबोधन के बाद समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav और बीजेपी सांसद Nishikant Dubey के बीच तीखी बहस छिड़ गई।


महिला आरक्षण और जातीय जनगणना पर टकराव

चर्चा के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि उनकी पार्टी महिला आरक्षण का समर्थन करती है, लेकिन इसके साथ—

  • जातीय जनगणना कराई जानी चाहिए
  • OBC महिलाओं को भी आरक्षण मिलना चाहिए

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए निशिकांत दुबे ने संस्कृत श्लोक पढ़ते हुए अपने विचार रखे।


कन्नौज मंदिर विवाद का जिक्र

निशिकांत दुबे के बयान के बीच अखिलेश यादव ने पुराना मुद्दा उठाते हुए पूछा—

“मेरे निकलने के बाद कन्नौज में एक मंदिर को गंगाजल से क्यों धुलवाया गया?”

इस सवाल के बाद सदन का माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया।


निशिकांत दुबे का जवाब

इस पर निशिकांत दुबे ने कहा—

  • यदि ऐसा हुआ है तो यह गलत है
  • ऐसा करने वाले लोग अपराधी हैं
  • उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए

जब विपक्ष ने माफी की मांग की, तो दुबे ने कहा कि वे माफी मांगने को तैयार हैं, लेकिन उन्होंने खुद ऐसा कोई कार्य नहीं किया।


जातीय जनगणना पर राजनीतिक बयानबाजी

इससे पहले अपने भाषण में निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया कि—

  • 2011 में कांग्रेस नेतृत्व ने जातीय जनगणना का विरोध किया था
  • समाजवादी पार्टी और अन्य नेताओं के दबाव में यह प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन डेटा जारी नहीं हुआ

उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार जातीय जनगणना करा रही है और आने वाले समय में इसके आंकड़े सामने आ सकते हैं।


संसद में बढ़ा राजनीतिक तापमान

महिला आरक्षण, परिसीमन और जातीय जनगणना जैसे मुद्दों पर जारी बहस के बीच इस तरह की तीखी नोकझोंक से संसद का माहौल और अधिक राजनीतिक रूप से गरम हो गया है।

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